भीलवाड़ा: कन्या महाविद्यालय में एक दिवसीय शिविर का आयोजन
भीलवाड़ा। सेठ मुरलीधर मानसिंहका राजकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सावन कुमार जांगिड़ ने की। मुख्य अतिथि जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रदीप कटारिया और जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी श्री हरलाल मीणा थे। प्रथम सत्र में डॉ. प्रदीप कटारिया ने बताया कि जिले में कार्यरत जिला एड्स नियंत्रण इकाई के माध्यम से जिले में एचआईवी जागरूकता के कार्यक्रम किये जा रहे हैं। उन्होंने टीबी के लक्षणों के बारे में भी जानकारी देते हुए एचआईवी और क्षय रोग भ्रांतियां के बारे में बताया, साथ ही एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को समय-समय पर एआरटी से दवाइयांं के बारे में जानकारी दी। जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी हरलाल मीणा ने बताया कि एचआईवी एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए 1097 टोल फ्री नंबर पर भी जानकारी ली जा सकती है। मुस्कान लुधानी ने एचआईवी पर पीपीटी के माध्यम से एड्स बचाव के बारे में बताया साथ ही छात्राओं को प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पुरस्कृत किया गया। द्वितीय सत्र में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति जागरूकता विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी हरलाल मीणा ने नशे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नशा कोई भी हो नशे से भविष्य खराब हो जाता है। नशे की लत में न केवल स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है बल्कि परिवार, समाज और भविष्य तीनों को प्रभावित करती है। उन्होंने छात्राओं को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया। प्राचार्य ने कहा कि एचआईवी के बारे में आज भी जागरूकता की कमी और सामाजिक भ्रांतियां के कारण एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वह स्वयं जागरूक बने और अपने परिवार एवं समाज में भी यही संदेश पहुंचा कर एड्स के प्रति भेदभाव को समाप्त करने में योगदान दे। उन्होंने नशा मुक्ति और स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व पर भी बल दिया तथा कहा कि एक शिक्षित और स्वस्थ युवा ही देश के भविष्य को मजबूत बनाता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी रीना सालोंदिया, गौरव कारवाल का शिविर में सक्रिय सहयोग रहा। कार्यक्रम में प्रोफेसर प्रतिभा राव, इंदुबाला पटवारी, डॉ सीमा गौड़, डॉ शोभा गौतम, सुखपाल सिंह राठोड़ एवं अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।