भुसावर : सरसों बुबाई के लिए वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल
भुसावर। अभी सरसों बुवाई के लिए सभी परिस्थितियां अनुकूल है, वारिश होने से खेतो मे पर्याप्त नमी है, तापमान भी सही है । यह कहना है कृषि महाविद्यालय भुसावर के डीन डॉ. उदय भान सिंह का।
डॉं. सिंह ने बताया कि वर्षा के बाद खेत की कल्टीवेटर से दो क्रोस जुताई करके पाटा लगावे ताकि मिट्टी भूरभूरी हो जाये व नमी संरक्षित रहे। यदि दीमक, चितकबरा कीट आदि का प्रकोप है तो अन्तिम जुताई पर क्यूनालफांस 1.5 प्रतिशत चूर्ण 25 कि.ग्रा. प्रति हेक्टर खेत में मिलावे, साथ ही उत्पादन बढाने व तना गलन रोग की रोकथाम के लिए 2 से 3 किग्रा एजेटोबेक्टर, एक किग्रा पी एस बी कल्चर तथा 2.5 से 3 किग्रा ट्राइकोडरमा 60-70 किग्रा गोबर की खाद में मिलाकर अन्तिम जुताई पूर्व खेत में मिला दें। बीज को बुवाई पूर्व वीटावेक्स या केप्टान 2 से 3 ग्राम प्रति किग्रा बीज तथा उसके बाद इमीडाक्लोप्रिड 70 डब्लू पी 6 से 8 मि. ली. प्रति किग्रा बीज की दर से उपचारित करें। सरसों में डीएपी उर्वरक की जगह सिंगल सुपर फॉस्फेट या एनपीके उर्वरक ज्यादा लाभकारी व सस्ते है तथा इनकी बाजार में उपलब्धता भी है । बुवाई पूर्व खेत में 200 से 250 किग्रा जिप्सम प्रति हेक्टर अवश्य मिलावें। खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के तुरन्त बाद खरपतवारनाशी पेंडीमेथालीन 30 ईसी 3.3 लीटर प्रति हेक्टर की दर से 800 से 1000 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करना चाहिए।