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बीकानेर पुलिस ने नासिक में पकड़े रोहित गोदारा गैंग के तीन मोस्ट वांटेड

बीकानेर पुलिस ने नासिक में पकड़े रोहित गोदारा गैंग के तीन मोस्ट वांटेड

 कामयाब रहा एसपी तेजस्वनी गौतम का मिशन साईलेंट


बीकानेर। बीकानेर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते महाराष्ट्र के नासिक शहर की रिहायशी कॉलोनी दबिश देकर एक फ्लैट में छूपे बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग के तीन मोस्ट वांटेड बदमाशों को गिरफ्त में ले लिया। जानकारी के अनुसार मिशन साईलेंट के तहत इन तीनों  हार्डकौर बदमाशों को पकडऩे के लिये बीकानेर पुलिस टीम को कई महिनों तक मशक्कत करनी पड़ी  नेपाल समेत देश की कई महानगरों में फरारी काट रहे तीनों को डिटेन करने के लिये पुलिस की साइबर सेल टीम डिजिटल एप से लॉकेशन ट्रेस करके कार्यवाही को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच बीकानेर ले आई है। यह जानकारी देते हुए एसपी तेजस्वनी गौतम ने बुधवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेस में बताया कि बीकानेर पुलिस टीम ने रोहित गोदारा गैंग से जुड़े तीन कुख्यात अपराधियों कमल डेलू पुत्र जगदीश बिश्नोई निवासी काकडा,श्रवण सीवर पुत्र शिवलाल बिश्नोई निवासी खिंदासर और विजयपाल पुत्र जगदीश बिश्नोई निवासी जयसिंहदेसर मगरा को गिरफ्त में लिया है। यह तीनों पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल ईनामी अपराधी है,पूछताछ में पता चला है कि इन तीनों ने सीकर के राजू ठेहट हत्याकांड में शूटरों को हथियार सप्लाई किये थे। इनमें खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में संगीन अपराधिक मामले दर्ज है। एसपी ने बताया कि राजू ठेहट हत्याकांड के बाद यह तीनों बचने के लिये हाई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे।
यह भी पुख्ता सूचना मिली थी कि  बीकानेर जिले में मर्डर जैसी बड़ी वारदात करने की फिराक में थे। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मिशन साईलेंट के तहत विशेष टीम का गठन किया जिसमें सीआई नया शहर वेदपाल श्योराण,सीआई बीछवाल महेन्द्र दत्त शर्मा,एसएचओं कोतवाली संजय सिंह और साईबर सैल के हैड कांस्टेबल दीपक यादव तथा दिलीप सिंह,कांस्टेबल श्रीराम और सूर्यप्रकाश को शामिल किया। एसपी ने बताया कि तीनों अपराधियों की लॉकेशन ट्रेस करने में साइबर सैल हैड कांस्टेबल दीपक यादव की अहम भागीदारी रही।
- पुसिल ने आजमाया यह तरीका
 पुलिस को पता चला कि तीनों अपराधी फेक एप्लीकेशन कॉलिंग ऐप्प के जरिये रोहित गोदारा गैंग से जुड़े थे । इसी एप्लीकेशन ऐप्प के जरिये वारदात की कार्ययोजना बनाते व अंजाम देते। पुलिस ने भी इसी फेक एप्लीकेशन एप्प के जरिये बदमाशों तक पंहुचने का तरीका आजमाया और करीब आठ महिनों की मशक्कत के बाद बदमाशों के नेटवर्क को भेद कर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए उनके छुपे होने के ठिकाने तक जा पहुंची। तीनों की लॉकेशन का इनपुट नासिक शहर की एक आवासीय में आ रही थी। पुलिस टीम ने कई तीन चार दिनों तक कॉलोनी खंगाली तब कहीं पता चला कि तीनों अपराधी एक मकान में डेरा डाले हुए है। तीनों तक पहुंचने के लिये पुलिस ने मजदूर का हुलिया बना लिया और उनके ठिकाने तक जा पहुंची। पुलिस की इस कार्यवाही में नासिक पुलिस ने सहयोग किया।
-लगातार बदल रहे थे हुलिया
नासिक से दस्तयाब कर बीकानेर लाये जाने के बाद पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि फरारी काटने के लिये तीनों ने अपना हुलिया व नाम बदलकर भारत व नेपाल में फरारी काटी, भारत में कर्नाटक, तमिलनाडू दिल्ली, गोवा, पंजाब, पुणे, मुम्बई, नासिक, फलौदी, जोधपुर, बज्जू, रणजीतपुरा काटी। इसके बाद नासिक में किराये फलैटों में फरारी काट रहे थे । पुलिस से बचने के लिये पूरे दिन घर में छूपे रहते थे।
-पुलिस के जांबाजों को मिलेगा पदौन्नति का तोहफा
एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि तीनों हार्डकौर अपराधियों को डिटेन कर गिरफ्तारी में अहम भागीदारी निभाने वाले साईबर सैल के हैड कांस्टेबल दीपक यादव, हैड कांस्टेबल दिलीपसिंह और कांस्टेबल राजूराम गुर्जर को विशेष पदोन्नति तथा पुलिस टीम का नेतृत्व करने वाले सीआई नया शहर वेदपाल,कोतवाली एसएचओं संजयसिंह ,कांस्टेबल श्रीराम को डीजीपी डिस्क दिये जाने प्रस्ताव मुख्यालय भिजवाये जा रहे है। 

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