सांसद, विधायक सहित भाजपा नेता हुए अदालत में पेश
कोरोना महामारी एक्ट की अवहेलना पर पुलिस ने किया था मुकदमा दर्ज
टोंक । कोरोना महामारी एक्ट एवं लॉक डाउन नियमों का उल्लंघन करने के मामले में दर्ज प्रकरण में न्यायालय में चालान पेश होने के दौरान सांसद, विधायक व पूर्व विधायक सहित कुल 12 भाजपा नेता मंगलवार को एसीजेएम कोर्ट में पेश हुए, जहां सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार 8 मई 20 को मालपुरा उपखंड के ग्राम बाछेड़ा में हुए दुष्कर्म के मामले में पीडि़ता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर टोंक-सवाई माधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, मालपुरा-टोड़ा विधायक कन्हैया लाल चौधरी, देवली-उनियारा के पूर्व विधायक राजेंद्र गुर्जर सहित कई भाजपा नेताओं ने एएसपी कार्यालय मालपुरा के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। उस दौरान कोरोना महामारी चल रही थी, भाजपा नेताओं द्वारा कोरोना महामारी एक्ट एवं लॉक डाउन उल्लंघन करने पर पुलिस ने 15 जनों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया था। इस मामले की जांच सीआईडी सीबी से करवाये जाने के बाद सभी 15 जनों को दोषी मानकर पुलिस थाना मालपुरा को चालान पेश करने के निर्देश दिये गये थे, जिसके चलते पुलिस ने सभी नेताओं को अपनी हिरासत में लेकर एसीजेएम रेशमा जनवानी की अदालत में चालान पेश किया गया। इस मामले पर सांसद जौनपुरिया, विधायक कन्हैया लाल चौधरी, पूर्व विधायक राजेंद्र गुर्जर, भाजपा मंडल अध्यक्ष त्रिलोक जैन, पूर्व जिला मंत्री नरेंद्र जैन, सतीश चंदेल सहित 12 आरोपी भाजपा नेता अदालत में चालान पेश के दौरान पेश हुए, जहां सभी आरोपियों को 5 हजार रूपये के जमानत मुचलकों पर रिहा कर दिया गया। कोर्ट में सांसद ने इस मामले में घटनाक्रम का वीडिय़ो पेश करने की बात कही, जिस पर अदालत ने पुलिस को आगामी तारीख पेशी 22 अगस्त को पेश करने के आदेश दिये है। आरोपियों के एड. राजकुमार जैन ने बताया कि मंगलवार को कोर्ट में 15 जनों के खिलाफ चालान पेश हुआ है, इनमें एक आरोपी की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, जबकि 2 आरोपी पेश नहीं हुए हैं। वही मामले की आगामी तारीख 22 अगस्त दी गई है। इधर सांसद जौनापुरिया ने कहा कि हम सब दुष्कर्म पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन से न्यायिक जांच कराने की मांग कर रहे थे, सासंद ने कहा कि उस दौरान 35 पुलिसकर्मी मौजूद थे। यदि कोविड नियमों की हमने पालना नहीं की तो पुलिस प्रशासन ने भी पालना नहीं की है, जिनके खिलाफ़ भी मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिये।