काला बाजारी बर्दाश्त नही होगी-के. के. मंगल
टोंक। संयुक्त निदेशक कृषि (वि.) जिला परिषद एवं अधिसूचित प्राधिकारी (उर्वरक) के. के. मंगल ने मंगलवार को आदेश जारी कर समस्त उर्वरक विक्रेताओं को किसानों की इच्छा के विरुद्ध उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद टैगिंग नही करने के निर्देश दिये है। संयुक्त निदेशक के. के. मंगल ने बताया कि जिले में किसानों द्वारा शिकायतें प्राप्त हो रही है कि कृषि आदान विक्रेताओं द्वारा किसानों को जबरदस्ती नैनो यूरिया, सल्फर एवं अन्य उत्पाद दिये जा रहे है, जो नियमों के विरुद्ध है । अत: जिले के समस्त थोक, खुदरा विक्रेता एवं जिले की समस्त सहकारी संस्थाओं को निर्देशित किया है किसानों द्वारा उर्वरक क्रय करते समय किसी भी प्रकार के अन्य उत्पाद लेने हेतु बाध्य नही किया जायें अन्यथा एफसीओ के नियमों के तहत कार्यवाही की जायेगी। उर्वरक किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर अनियमितता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है, जिसके लिए वर्तमान में रबी गुण नियन्त्रण चलाया जा रहा है, जिसके तहत कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है, गुण नियन्त्रण अभियान 14 नवम्बर तक जारी रहेगा। संयुक्त निदेशक ने बताया कि वर्तमान मे किसानो को यूरिया उपलब्ध कराने के लिए प्रति कृषक 5 बैग देने के निर्देश दिये गये है। यूरिया की सप्लाई अनवरत जारी है, और आगे किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध होता रहेगा। कृषकों को समय पर एवं सही दर पर गुणवत्ता युक्त आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य को लेकर सभी कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया कि अनियमतता करने वालों पर आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी। गुण नियन्त्रण अभियान के तहत मंगलवार को कृषि अधिकारी श्योजीराम यादव एवं कजोड़ मल गुर्जर ने टोंक शहर के कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।