ब्लॉक निष्पादन समिति की बैठक सम्पन
सूरतगढ़ . उपखण्ड अधिकारी संदीप कुमार ने कहा है कि संस्था प्रधान विद्यालय और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास करें, उपखंड प्रशासन विद्यालयों की पट्टा अभिलेख, बिजली, पानी व अन्य समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है। उपखंड अधिकारी एपेक्स सभागार में ब्लॉक स्तरीय निष्पादन समिति की बैठक में भाग बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों के पास भूखंड का पट्टा नहीं है अथवा खेल मैदान के लिए भूमि नहीं है वे एसडीएमसी के प्रस्ताव सहित आवेदन मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रेषित करें। विकास अधिकारी ऋषि राज मीणा ने कहा कि विद्यालयों में भौतिक विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से सकारात्मक रूप से प्रयास किए जाएंगे। संस्था प्रधान ग्राम पंचायत सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी से सामंजस्य स्थापित करते हुए विद्यालय की भौतिक आवश्यकता के लिए प्रस्ताव लिखित रूप में प्रस्तुत करें ताकि विभागीय योजनाओं के अंतर्गत कार्य स्वीकृति करवाई जा सके।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार रिणवां ने कहा कि नवीन सत्र में नामांकन वृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संस्था प्रधानों को स्टाफ के सहयोग से सघन प्रयास करने होंगे।प्रवेश उत्सव के तहत शिक्षकों के दल बनाकर वार्ड वार सर्वे किया जाए तथा पात्र विद्यार्थियों को चिन्हित करके उनको राजकीय विद्यालय से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। बैठक में राजपुरा पीपेरन प्रधानाचार्य हंसराज जोशी ने स्वीप कार्यक्रम, लेखाकार दीपक कुमार ने सिंगल नोडल अकाउंट के संचालन, रामसरा जाखड़ान प्रधानाचार्य झमन लाल शर्मा ने प्रवेश उत्सव, ढाबा झालार प्रधानाचार्य मुकेश कुमार वर्मा ने राजश्री योजना के तहत सर्वे और पात्र छात्राओं को लाभ दिलाने, भैरूपुरा सिलवानी प्रधानाचार्य डॉ मदन गोपाल लढ़ा ने बालिका सुरक्षा, पालीवाला प्रधानाचार्य वरुणा गोयल ने आईसीटी लैब और ई कंटेंट, प्रधानाचार्य संतोष आर्य ने उड़ान योजना और आयरन टेबलेट, हरिसिंहपुरा प्रधानाचार्य संजीव मदान ने विभिन्न छात्रवृति योजना, संस्था प्रधान रणजीत गेदर ने सत्रारंभ में करणीय कार्य पर अपनी वार्ता में विस्तार से प्रकाश डाला। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता ने विद्यालयों में विद्युत संबंधी समस्याओं के बारे में संस्था प्रधानों से चर्चा की और उनके शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रम यथा नाकारा वस्तुओं की नीलामी, वित्तीय अनुदान के सदुपयोग, विद्यार्थियों के आधार अद्यतन करवाने, शाला दर्पण संधारण, एमडीएम के तहत राशन वितरण आदि के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।