बीएसएफ सतराना कैंपस में ब्लॉक स्तरीय मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम हुआ संपन्न
140 वाहिनी सीमा सुरक्षा बल सतराना द्वारा अजय लूथरा उप महानिरीक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय बीकानेर के दिशा निर्देशन में घड़साना बीएसएफ सतरना एवं नेहरू युवा केंद्र श्रीगंगानगर के संयुक्त तत्वाधान में मेरी माटी मेरा देश अभियान के अन्तर्गत ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन बीएसएफ केंपस सतराणा के प्रांगण में किया गया। मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अन्तर्गत कलशों में शहीदों के बलिदान स्वरूप गांव की मिटी भरकर लाई गई इस दौरान बीएसएफ के कमांडेंट देवेंद्र कुमार ने कार्यक्रम को लेकर बच्चों का मार्गदर्शन किया और बच्चों को बीएसएफ एवं उसके अन्य प्रोग्राम से जुड़ने के लिए उपयुक्त जानकारी दी द्वितीय कमांडेंट अधिकारी पवन कुमार ने मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के बारे में उपस्थित बच्चों को बताया कि इस मिट्टी से देश की राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा परविंदर सिंह ने मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम में जानकारी देते बच्चों को बताया किस तरह बीएसएफ बॉर्डर पर रहकर हमारी सुरक्षा करती है यह केवल एक बीएसएफ टुकड़ी नहीं बल्कि बॉर्डर पर रहने वाले ग्रामीण परिवारों की सहायक भी मानी जाती है नेहरू युवा केंद्र के जितेंद्र कुमार सोनी ने बताया अनेकों वीर जवानों ने सीमा पर सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों का त्याग कर दिया वही नरेंद्र मोदी पहले देश के ऐसे प्रधानमंत्री है जिन्होंने इन शहीदों के नाम से स्मारक बनाने के लिए मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम को चलकर उन शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है कार्यक्रम के दौरान घड़साना के श्री राम पब्लिक स्कूल एवं एनसीए के बच्चों ने देश रंगीला रंगीला , मां तुझे सलाम जैसे देश भक्ति गीतों पर अपनी प्रस्तुति दी वही एनसीए स्कूल के दो बच्चों ने मेरी माटी मेरा देश पर अपना उद्बोधन दिया नेहरू युवा केंद्र एवं बीएसएफ द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को सम्मान प्रतीक के देकर सम्मानित किया गया बीएसएफ़ के कमांडेड , पवन कुमार द्वितीय कमांडेंट अधिकारी , तहसीलदार तेजपाल पांडा , पंचायत समिति मदनलाल सेवटा , परविंदर सिंह पवन बिश्नोई राजेश कुमार नेहरू युवा केंद्र से जितेंद्र सोनी , कैलाश कुमार व कन्हैया लाल नवीन कुमार उपस्थित रहे , कार्यक्रम के समापन के दौरान उपस्थित अतिथि एवं बच्चों के लिए बीएसएफ कैंपस में अलपाहार की व्यवस्था भी की गई