कृषि आदान विक्रेताओं की ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन
टोंक । कृषि आदान विक्रेताओं की ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन बुधवार को कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक के. के. मंगल की अध्यक्षता में अमरूद उत्कृष्टता केन्द्र देवड़ावास में किया गया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक के. के. मंगल ने कहा कि कृषि आदान विक्रेताओं को कृषि का तकनीकी ज्ञान होना आवश्यक है, जिसके माध्यम से पौधों में लगने वाले कीट एवं व्याधि के निदान के लिए सही दवा किसानों को उपलब्ध करा सके। उन्होने कहा कि विक्रेताओं को देशी डिप्लोमा द्वारा कृषि आदानों के व्यापार से सम्बन्धित कानूनों की जानकारी देकर दक्ष करने के लिए जिलों में स्थित कृषि विज्ञान केन्दों, कृषि अनुसंधान केन्दों, कृषि महाविद्यालयों, परियोजना निदेशक आत्मा के कार्यालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जाकर कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक द्वारा बीज, कीटनाशी एवं उर्वरक का लाईसेन्स जारी किया जाता है। कार्यशाला में डॉ. नीलम यादव कृषि अनुसंधान अधिकारी ने उर्वरक मांग एवं पौषक तत्व का महत्व बताया, सहायक निदेशक बाबूलाल यादव ने उर्वरक अधिनियम की जानकारी दी, वहीं उप-निदेशक उधान ओम प्रकाश यादव ने ट्राइकोडर्मा, भारतीय उर्वरक संघ के डॉ. ललित कुमार ने तिलहनी फसलों में जिप्सम का महत्व, कृषि अधिकारी कौशल कुमार सौमानी ने खरपतवार प्रबन्धन, कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर कृषि आदान विक्रेता संघ के अध्यक्ष रामावतार मित्तल, मनीष देवड़ावास, धर्मचन्द जैन, रामदेव गुर्जर, रोहित जिंदल, अशोक जैन, महावीर तेली, नरेन्द्र जिंदल, रमेश मीणा, रामदयाल शर्मा, राजू भारद्वाज, उमेश शर्मा, राजकुमार सैनी सहित अनेक कृषि आदान विक्रेता मौजूद थे।