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ब्रजभाषा संगोष्ठी एवं पाटोत्सव समारोह सम्पन्न 

ब्रजभाषा संगोष्ठी एवं पाटोत्सव समारोह सम्पन्न 

 
 
राजसमन्द .   राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी एवं साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ब्रजभाषा संगोष्ठी एवं पाटोत्सव ब्रजभाषा समारोह का आयोजन साहित्य मंडल के प्रेक्षागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ हेतु भारद्वाज ने कहा ' हम ब्रजभाषा के प्रति प्रेम भाव रखें । ब्रज भाषा में हिंदी का सर्वोत्तम साहित्य रचा गया है। हमें इसका संरक्षण करना होगा । भाषा का काम जिंदगी को बचाए रखना है ।भाषा जीवन का पर्याय है और साहित्य मंडल इस कार्य को बड़े आयाम के साथ पूर्ण कर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रशासनिक अधिकारी श्री जगदीश प्रसाद शर्मा जयपुर ने कहा ' साहित्य मंडल के ब्रज एवं हिंदी भाषा के संरक्षण एवं ब्रज भाषा के लिए  कार्यों को अद्भुत बताया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं राष्ट्र किंकर  पत्रिका के संपादक डॉ विनोद बब्बर नई दिल्ली ने कहा भाषा संस्कृति की वाहिनी है। एवं साहित्यकार संस्कृति के वाहक हैं। साहित्य मंडल इन संस्कृति के वाहकों का सदैव सम्मान करता है । फिरोजाबाद के वरिष्ठ साहित्यकार एवं विशिष्ट अतिथि डॉ रामसनेही लाल यायावर जी ने कहा श्री श्याम प्रकाश देवपुरा ने श्री भगवती प्रसाद जी देवपुरा की परंपराओं का विस्तारित रूप से निर्वहन किया है उनके समस्त कार्यों को विस्तार प्रदान किया है। चित्तौड़गढ़ के वरिष्ठ कवि श्री शिव मृदुल ने कहा साहित्य मंडल मेवाड़ का ही नहीं समस्त भारत का ऐसा संस्थान है जो निरंतर बृज भाषा एवं हिंदी को संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है ।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी जयपुर के सचिव श्री गोपाल गुप्ता ने कहा ब्रजभाषा को देश में ही नहीं समस्त विश्व में व्यापक प्रचार प्रसार की आवश्यकता है और इसके लिए ब्रजभाषा अकादमी पूर्णतया प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं विख्यात साहित्यकार डॉ आचार्य देवेंद्र देव ने ब्रजभाषा की साधना में साहित्य मंडल से नाथद्वारा के योगदान पर भी चर्चा की ।
 
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती के चित्र के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि के बाद सरस्वती वंदना, श्रीनाथ वंदना, ब्रज वंदना, ब्रजभाषा वंदना के साथ हुई। बलदेव के वरिष्ठ गीतकार डॉ राधा गोविंद पाठक ने सरस्वती वंदना की। श्रीनाथ वंदना का सस्वर वाचन श्री विट्ठल पारीक, ब्रज वंदना का वाचन डॉक्टर भगवान मकरंद एवं व्रजवानी वंदना का वाचन श्री हरि ओम हरि ने किया। इस अवसर पर डॉक्टर रामसनेही लाल शर्मा यायावर ने स्वच्छंदता वादी कवि घनानंद कौ सखी भाव एवं डॉ सुषमा शर्मा जयपुर ने गुरु कमलाकर के उद्धव शतक मांहिं व्यंजना विषय पर उपनिषद का वाचन किया।
 
 इस सत्र में ब्रज भाषा में अविस्मरणीय सहयोग करने वाले साहित्यकार पंडित रामस्वरूप गौड़ जयपुर, डॉक्टर सोहनलाल शीतल मथुरा, श्री भुवनेश चौहान चिंतन खैर, श्री अभय सिंह अलीगढ़ ,श्री संजय शर्मा मुरादाबाद ,श्री पवन नीरज काम बन, श्री नेत्रपाल राघव माँट, श्री प्रवीण पांडे फिरोजाबाद , श्री गोविंद भारद्वाज पलवल को ब्रजभाषा विभूषण, श्री कैलाश त्रिवेदी भीलवाड़ा, श्री भंवर सिंह कछवावा भवानी मंडी, श्री गणेश यादव दिल्ली ,श्री दीपक शर्मा फोर्ट सोनगढ़, श्री संजय कुमार सैनी जयपुर को संपादक सिरमौर शिरोमणि एवं पत्रकार प्रवर की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानमंत्री श्री श्याम देवपुरा एवं उपाधियों का वाचन श्री हरि ओम हरि, श्री विट्ठल पारीक एवं श्री भूपेंद्र भरतपुर ने किया। पाटोत्सव ब्रजभाषा समारोह के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि गुडगांव से पधारी साहित्यकार  श्रीमती सुनीता शर्मा ने अपने मुख्य अतिथि उद्बोधन में कहा साहित्य मंडल  साहित्य संवर्धन एवं साहित्य के विविध कार्यों को करने वाली राजस्थान ही नहीं संपूर्ण भारतवर्ष की वह संस्था है जिसने आज हजारों साहित्यकारों को सिर्फ सम्मानित ही नहीं किया, अपितु उन्होंने विविध प्रकाशन एवं आयोजनों के माध्यम से साहित्य की सेवा की है। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र सार्थक ने कहा साहित्य समाज का दर्पण है एवं साहित्यकार उस दर्पण को सदैव स्वच्छ रखने का कार्य करता है। दर्पण पर फैली मलीनता और कालिख को सदैव अपने शब्दों और भावों से मिटाने का प्रयास करता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री वीरेंद्र जी लोढा ने कहा साहित्य मंडल साहित्यकारों का वह कुंभ है जिसमें साहित्यकार अपने शब्दों की पावन सुरसरि से इस स्थान को पवित्र ही नहीं करते अपितु अपनी कृतियों  एवं अपने विचारों से यहां शब्द प्रतिष्ठा करते हैं ।डॉ संतोष यादव ने साहित्य मंडल के समस्त कार्यों का बखान करते हुए कहा साहित्य मंडल इसी प्रकार उत्तरोत्तर प्रगति करेगा एवं साहित्य समाज को नवीन दिशा प्रदान करता रहेगा। इस अवसर पर हिंदी की विभिन्न मानद उपाधियों से देश के विभिन्न भागों से पधारे साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। डॉ वीरेंद्र स्वर्णकार निर्झर, बुरहानपुर ,डॉ आदित्य कुमार कोटा ,श्री ओम प्रकाश पवार सरदारशहर ,श्री ओम प्रकाश आजाद भरतपुर ,श्री टीकम चंद्र ढोरिया छाबड़ा, डॉ नीलिमा अजमेर ,श्री रतन लाल शर्मा मेनारिया ,श्रीमती सविता शियाल गुरु गांव ,डॉक्टर किशोरी लाल व्यास नीलकंठ हैदराबाद को हिंदी साहित्य मनीषी की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ब्रजभाषा उपनिषद में दिल्ली से पधारे डॉ नृत्य गोपाल शर्मा ने अनुभूतिन के सशक्त चितेरे : जगन्नाथदास रत्नाकर, कासगंज उत्तर प्रदेश के श्री श्रीकृष्ण शरद ने अष्टछाप कवियों को ब्रजभाषा साहित्य का योगदान, जयपुर के श्री गोपेश शरण पारीक गोपेश ने श्री कृष्ण भक्त राजा सावंत सिंह नागरी दास को वैराग्य, चेन्नई की श्रीमती पूजा पाराशर ने संत सहजोबाई के काव्य में सामाजिक चेतना एवं भरतपुर के श्री सुरेश कुमार शर्मा ने महाकवि भूषण की कविता माँही राष्ट्रीय भावना विषयों पर वाचन किया।इस अवसर पर आचार्य चोब सिंह स्मृति सम्मान से आगरा से पधारे डॉक्टर बृज बिहारी लाल शर्मा बिरजू, श्री गया प्रसाद स्मृति सम्मान से आगरा से पधारे श्री राज बहादुर सिंह राज, पुणे महाराष्ट्र से पधारे वृंदा सदानंद कुलकर्णी को श्री गोपेंद्र नाथ शर्मा स्मृति सम्मान , मुंबई महाराष्ट्र से पधारी डॉ ममता झा को श्री श्याम लाल शर्मा स्मृति सम्मान, डॉ गीता मिश्रा गीत हल्द्वानी को श्री राजेंद्र नाथ महर्षि स्मृति सम्मान, श्री पुष्पा जोशी प्राकाम्य उधम सिंह नगर को श्री रविंद्र नाथ महर्षि स्मृति सम्मान श्री विष्णु सिखवाल विशन, एवं श्री वेद प्रकाश वेद नगर को पंडित सेवाराम शर्मा स्मृति सम्मान, श्री ओमकार सिंह विवेक रामपुर उत्तर प्रदेश को श्री रणछोड़ लाल ठक्कर स्मृति सम्मान, श्रीमती अनमोल रागिनी चुनमुन को श्रीमती लक्ष्मी देवी ठक्कर स्मृति सम्मान, डॉ इंदु गुप्ता फरीदाबाद को श्रीमती विद्या देवी स्मृति सम्मान, श्री मुकेश कुमार माली खमनोर को श्रीमती शशि कला मेहता स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में ब्रजभाषा की पुरातन एवं लुप्तप्राय विधा समस्यापूर्ति में आमंत्रित कवि एवं साहित्यकार महानुभावों ने सवैया फैंट कसी है, कबहु न लरै, कवित्त औगुन हजार हैं, चुराए चित ले गई विषय पर समस्याओं की काव्यमय पूर्ति की। मांट के कवि नेत्रपाल राघव, भरतपुर के हरि ओम हरि, श्री सुरेश शर्मा दिल्ली के श्री आचार्य अनमोल, कांकरोली के  श्री जितेंद्र सनाढ्य , जयपुर के श्री विट्ठल पारिक, भरतपुर के श्री नरेंद्र निर्मल ने प्रस्तुत समस्याओं पर विविध छंद एवं सवैयों में पूर्ति कर सभी को आनंदित किया।कार्यक्रम में सम्मानित साहित्यकारों  के अभिनंदन पत्रों का वाचन श्री हरि ओम हरि एवं श्री विट्ठल पारीक ने किया एवं कार्यक्रम का संचालन श्री श्याम प्रकाश देवपुरा नाथद्वारा ने किया। इस अवसर पर श्री रामस्वरूप गौड, डॉ सोहनलाल शीतल, श्री भुवनेश चौहान चिंतन, श्री अभय सिंह राठौर, श्री संजय शर्मा ,श्री पवन नीरज, श्री नेत्रपाल राघव, श्री प्रवीण पांडे ,श्री कैलाश त्रिवेदी ,श्री भंवर सिंह कछवा, श्री गणेश यादव, दिल्ली श्री दीपक शर्मा ,श्री राधा गोविंद पाठक आदि वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित रहे।

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