बूंदी : धनेश्वर ग्राम में परमाणु आपदा प्रबंधन से संबंधित मॉक ड्रिल हुई सम्पन्न
बूंदी। चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा स्थित राजस्थान परमाणु ऊर्जा स्टेशन से जुड़े परमाणु एवं रेडियोलॉजिकल आपातकाल के मॉक अभ्यास के तहत शुक्रवार को तालेड़ा उपखंड के धनेश्वर ग्राम में ऑफ-साइट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह मॉक अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों और राज्य आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के सहयोग से सम्पन्न हुआ। अभ्यास एनडीएमए द्वारा नियुक्त मेजर जनरल ए.के. वर्मा (सेवानिवृत्त वरिष्ठ सलाहकार) से प्राप्त निर्देशों के तहत किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित परमाणु दुर्घटना या रेडियोलॉजिकल आपदा की स्थिति में स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा बलों और ग्रामीणों की तैयारी, तत्परता एवं समन्वय का आकलन करना था। इस दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़ी प्रमुख गतिविधियों का अभ्यास कराया गया जिनमें चेतावनी, सलाह, यातायात नियंत्रण, स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना, आयोडीन टैबलेट का वितरण, खाद्य सामग्री की निगरानी एवं सुरक्षा, सुरक्षित स्थान पर निकासी व प्रदूषण शमन शामिल थी। इस दौरान ग्रामीणों को आपदा की स्थिति में तुरंत चेतावनी देने, सुरक्षित मार्ग से आश्रय स्थल तक पहुँचाने और आवश्यकता पड़ने पर आयोडीन टैबलेट वितरित करने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। प्रशासन की ओर से यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन तथा खाद्य सामग्री की जांच और वितरण की विधि भी प्रदर्शित की गई। हालांकि अभ्यास में वास्तविक तौर पर व्यापक पैमाने पर निकासी और डीकंटेमिनेशन की गतिविधियां शामिल नहीं की गईं, लेकिन इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर योजनाओं की जानकारी साझा की गई। इस मौके पर जिला प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन टीम, सिविल डिफेंस स्वयंसेवक तथा ग्रामीण जन सक्रिय रूप से शामिल हुए। ग्रामवासियों ने भी पूरे अनुशासन के साथ इस ड्रिल में भागीदारी की और आपदा के समय अपनाए जाने वाले कदमों की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की। उपखंड अधिकारी तालेड़ा मनस्वी नरेश ने कहा कि ऐसे मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित किए जाने आवश्यक हैं ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रशासन और जनता दोनों मिलकर शीघ्र व प्रभावी प्रतिक्रिया दे सकें। इस अभ्यास से धनेश्वर ग्राम सहित आसपास के क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता और विश्वास दोनों बढ़ा हैं। इस दौरान सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त निदेशक अशोक कुमार मीणा, नायब तहसीलदार तालेड़ा हर्षित शर्मा सहित सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ की टीम मुख्य रूप से शामिल रहें।