बूंदी : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तालेड़ा मंडल के स्वयंसेवकों ने मनाया विजयादशमी उत्सव
- संघ शताब्दी वर्ष पर महिलाओं ने बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई
बूंदी। विजयादशमी पर तालेड़ा में बालिका विद्यालय के खेल प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने बड़े उत्साह से विजयादशमी उत्सव मनाया। इस अवसर पर अमरप्रीत सिंह काकू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता ने की। मुख्य वक्ता कोटा विभाग के शारीरिक प्रमुख दुष्यंत शर्मा रहे। कार्यक्रम शुरू होते ही अतिथियों ने मातृशक्ति को साथ लेकर शस्त्र पूजन किया । उसके बाद परम पवित्र भगवाध्वज फहराकर सभी समाजजनों के साथ स्वयंसेवकों ने प्रणाम किया । अध्यक्ष महोदय ने सर्व हिन्दू समाज को एक जाजम पर आने पर हर्ष जाहिर किया और समाजजनों से अपने बालक बालिकाओं को संघ की शाखाओं में भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा । सभी स्वयंसेवक गणवेश पहने उत्साह के साथ उत्सव मनाते नजर आए। पंक्तिबद्ध तरीके से बैठकर सभी ने उद्बोधन सुना।
पंच परिवर्तन को लेकर चल रही इस संघ यात्रा में सहयोग के लिए आह्वान किया - मुख्य वक्ता दुष्यंत शर्मा ने सर्व हिन्दू समाज को पंच परिवर्तन को लेकर चल रही संघ यात्रा के बारे में बताया और इसमें सहयोग करने का आह्वान किया । पंच परिवर्तन में कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध एवं नागरिक कर्तव्य के बारे में विस्तृत जानकारियां बताई। इसमें कुटुम्ब प्रबोधन में परिवार नियोजन एवं सामूहिक भोज पर जोर दिया। सामाजिक समरसता के बारे में बताते हुए इतिहास की जानकारी देते हुए हर वर्ग को साथ रखने की अपील की। बताया की तभी संगठित रह सकते हो। पर्यावरण संरक्षण में प्लास्टिक का बहिष्कार करने की बात कही ओर उत्सव के दौरान प्लास्टिक का उपयोग नहीं होने पर कार्यकर्ताओं की सराहना की। अधिक वृक्षारोपण कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने को समाजजन को कहा। स्व का बोध के अनुसार सभी को अपने देश में बने उत्पादों को बढ़ावा देने एवं उपयोग करने की जानकारी दी। स्वभाषा का उपयोग, स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग एवं स्व संस्कृति को बढ़ावा करने को कहा गया। नागरिकों को कर्तव्यनिष्ठ होना चाहिए। अपनी जिम्मेदारी समझकर समाज को संगठित कर इन पांच परिवर्तन में सहयोग की भावना रहें । ऐसी अपील की।
संघ ने किस प्रकार पूर्ण किए शताब्दी वर्ष,बताया- मुख्य वक्ता ने बताया कि संघ के सामने अनेकों चुनौतियां होने के बावजूद संघ अडिग रहकर कार्य करता रहा और सभी के सहयोग से शताब्दी वर्ष पूर्ण किए । बिना अपेक्षा के सभी स्वयंसेवकों ने पूर्ण जीवन समाज को जाग्रत कर संगठित करने का कार्य किया है ।
संघ कभी भी भेदभाव नहीं करता। इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए इतिहास बताया कि चाहे वो चरखी दादरी मस्जिद पर हुआ विमान हादसा ही क्यों न हो। हादसे के दौरान मुस्लिम समुदाय के अनेकों लोग घायल हुए लेकिन संघ के स्वयंसेवकों ने बिना भेदभाव किए सभी का सहयोग निस्वार्थ भाव से किया । इसके प्रत्युत्तर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने संघ के स्वयंसेवकों को गणवेश में मस्जिद में बुलाकर स्वागत सम्मान किया ल पाकिस्तान युद्ध के समय पर्याप्त संसाधन न होने पर सेना का सहयोग चाहे हेलीपेड तैयार करने का हो, चाहे भोजन सामग्री पहुंचाने का या फिर शस्त्र उपलब्ध करवाने का । हर जगह स्वयंसेवकों ने सहयोग किया । चीन युद्ध, राममंदिर हो या फिर कोरोना जैसी महामारी हो हर कही स्वयंसेवकों ने सहयोग किया । लेकिन पूर्व सरकारों ने आरोप लगाने से लेकर उन्हें जेल में डालने तक कर कार्य किए । समाज में विमर्श फैलाया सरकार ने की संघ जोड़ने का नहीं तोड़ने का कार्य करता है। जबकि संघ ने हमेश संगठित करने का कार्य किया है। इतना विरोध होने के बाद भी संघ रुका नहीं बिना परिणाम की परवाह किए कार्य करता रहा ओर आज समाज को संगठित कर दिखाया। इस प्रकार पूर्ण किए शताब्दी वर्ष।