Dark Mode
राहुल गांधी की लोकसभा से सदस्यता निरस्त करना लोकतंत्र के खिलाफ

राहुल गांधी की लोकसभा से सदस्यता निरस्त करना लोकतंत्र के खिलाफ

बून्दी. कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने के निर्णय की पूर्व राज्य मंत्री व पीसीसी उपाध्यक्ष हरिमोहन शर्मा, राजस्थान बीज निगम के निदेशक चर्मेश शर्मा और व राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य सत्येश शर्मा ने निंदा करते हुए भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया। पीसीसी उपाध्यक्ष हरिमोहन शर्मा ने कहा कि तानाशाह प्रवृत्ति के भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लोकतंत्र की हत्या की गई है। लगता है आगे आने वाले समय में यह लोकतंत्र को समाप्त करना चाहते है। पूर्व राज्य मंत्री शर्मा ने इस लोकतंत्र की हत्या करने का कार्य कोटा बूंदी के लोकसभा सांसद और लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा किए जाने की घोर निंदा की। वहीं राजस्थान बीज निगम के निदेशक व राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य चर्मेश शर्मा ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में देशभर में राहुल गांधी की लोकप्रियता से भाजपा की केंद्र सरकार पूरी तरह बौखला गयी है। राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द कर लोकतंत्र का चीरहरण किया गया है। अपने बयान में शर्मा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी यह उम्मीद नहीं थी कि वे संवैधानिक पद पर बैठकर इस तरह का अलोकतांत्रिक निर्णय लेंगे। शर्मा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को तत्काल यह निर्णय रद्द करना चाहिये और राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि अभी तो गुजरात के स्थानीय न्यायालय के आदेश की सत्यापित प्रति भी लोकसभा सचिवालय नहीं पहुंची होगी उससे पहले ही मीडिया के समाचारों के आधार पर निर्णय ले लिया गया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य सत्येश शर्मा ने इस निर्णय को दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में सच की आवाज को दबाने का इससे घृणित कार्य बताया और कहा कि यह कार्य साबित करता हैं कि केन्द्र सरकार दुर्भावनावश कार्य कर रही हैं। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम पारीक और कांग्रेसी के वरिष्ठ नेता मुकेश दाधीच ने भी राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म करने के निर्णय निंदा करते हुए कहा है कि राहुल गांधी सरकार के खिलाफ अदानी, भ्रष्टाचार और महंगाई, बेरोजगारी जैसे जनता के मुद्दों को संसद में उठाना चाहते थे। किंतु केंद्र सरकार ने एक सोची समझी रणनीति के अंतर्गत लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाकर रखने की कोशिश करते हुए राहुल गांधी की लोकसभा सदस्य खत्म कर अपनी तानाशाही इच्छा प्रकट की है। उन्होंने कहा है कि इससे कांग्रेस पार्टी कभी कमजोर नहीं होगी वह और मजबूत होकर उभरेगी।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!