कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर का 11वां स्थापना दिवस मनाया
फलोदी। कृषि विज्ञान केन्द्र फलोदी में कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर का 11वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एस. के. बैरवा ने कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर की स्थापना के उपलक्ष में सभी को बधाईयां दी। डॉ बैरवा ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर की स्थापना 14 सितंबर, 2013 को राजस्थान सरकार द्वारा कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर अधिनियम 21, 2013 के तहत 6 जिलों (जोधुपर, बाड़मेर, नागौर, पाली, जालोर व सिरोही) को कवर करने वाले राज्य के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए की गई थी। इसका कार्यक्षेत्र कुल भौगोलिक क्षेत्र का 28 प्रतिशत है, जो राज्य की 20.8 प्रतिशत मानव और 28.4 प्रतिशत पशु आबादी को बनाए रखता है। विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले जिले राज्य के तीन कृषि - पारिस्थतिकी क्षेत्रों (la- शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र, IIb- लूनी बेसिन क्षेत्र का संक्रमणकालीन मैदान, और IIa - अंतर्देशीय जल निकासी क्षेत्र) को कवर करते है। विश्वविद्यालय में कृषि और संबंधित विज्ञानों में अत्यधिक सक्षम शिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए चार कृषि महाविद्यालय, एक डेयरी और खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय तथा एक प्रौद्योगिकी और कृषि इंजीनियरिंग महाविद्यालय हैं, इसके अलावा क्षेत्र में अनुसंधान योजना बनाने के लिए दो कृषि अनुसंधान केन्द्र और तीन कृषि अनुसंधान उप केन्द्र है। जो देश के अत्यधिक पानी की कमी वाले लेकिन प्राकृतिक रूप से समृद्ध जैव विविधता वाले क्षेत्र में अत्यधिक आवश्यकता आधारित अनुसंधान तैयार करते हैं। कृषि विकास के त्रि-संतभ (शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार) में तीसरा सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अनुसंधान और प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण का विस्तार विश्वविद्यालय के 8 कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा कृषक समुदाय तक पहुंचाया जाता है। विश्वविद्यालय के इन छः जिलों में स्थित सभी शिक्षण अनुसंधान और विस्तार की विभिन्न ईकाईयों को मंडोर, जोधपुर स्थित मुख्यालय द्वारा व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए समन्वय किया जाता है । इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के डॉ. गजानन्द नागल, डॉ. मनमोहन पूनिया, डॉ. प्रियंका कटारा, सुश्री प्रियंका कायथ, डॉ. सुनीता चौधरी, भागचन्द ओला, सर्वेश जोशी, सवाई सिंह भाटी और विश्वविद्यालय के रेडी कार्यक्रम के छात्र तथा विभिन्न गांवों के किसानों सहित कुल 60 व्यक्ति उपस्थित रहे।