विश्व नृत्य दिवस पर आयोजन
तबला, पखावज व सितार की जुगलबन्दी से श्रोता मंत्रमुग्ध
जयपुर कत्थक घराने के अंगभाव, गत भाव, तोड़े टुकड़े की मनमोहक प्रस्तुती ने समा बांधा
भीलवाड़ा . स्थानीय रमा कत्थक संस्थान भीलवाडा एवं आर.सी.एम. समूह, एल.एन.जे. समूह, एसबीआई, एस.डी. ट्यूर एण्ड ट्रावेल्स, ओस्तवाल समूह के सहयोग से दो दिवसीय नृत्याचार्य स्व. पं. राजकुमार जवड़ा स्मृति ’’भीलवाड़ा कत्थक समारोह 2023’’ का आगाज आज दिनांक 29 अप्रैल 2023 को सांय 6 बजे महाराणा प्रताप सभागार में मुख्य अतिथि तिलोक चंद छाबड़ा, रजनीश कुमार, नीतु ओस्तवाल, एल.एन. डाड, मंजू मिश्रा, महन्त रामदास जी, गोपाल आचार्य, एम.पी. ब्यास ने नृत्याचार्य स्व. पं. राजकुमार जवड़ा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
जानकारी देते हुए संस्थान के अध्यक्ष कैलाश पालिया ने बताया कि रमा कत्थक संस्थान की 85 छात्राआंे ने जयपुर घराने की कत्थक प्रस्तुती ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
सचिव रमा पचिसिया ने बताया कि आठ समूहों मंे जयपुर घराने के विशुद्ध रूप को प्रस्तुत करते हुए नृत्य गुरू चेतन कुमार एवं रमा पचिसिया के निर्देशन में सर्वप्रथम नुपूर समूह की प्रस्तुती के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। थाट, आमद, परन, परन जुड़ी, आमद, तोड़े टुकड़े, तिहाईयां व कवित की सुन्दर प्रस्तुति एवं किकिंणी समूह द्वारा राम स्तुति, श्रुति समूह द्वारा गणेश वंदना की प्रस्तुती और क्लिष्ठ लयकारियों के साथ तीन ताल, झपताल, धमार, चौताल एवं बसन्त ताल की प्रस्तुती हुई।
स्वरा बागे, निनांद, आरोही, रागिनी, समूह के अंग भाव, मुद्राओं का संयोजन गत निकास, गत भाव आदि की अद्भूत प्रस्तुत ने दर्शकांे को मंत्रमुग्ध कर दिया। मध्य व दु्रत लय में तत्कार, रेला और पलटांे की नयनाभिराम एवं ओजस्वी कत्थक नृत्य लिए प्रसिद्ध जयपुर कत्थक घराने छाप विशुद्ध रूप से प्रदर्शित हुई। छोटी-छोटी बालिकाओं से लेकर अलग प्रोफेशन की महिलाओं मंे अध्यापिकाएंे, सी.ए., डाक्टर्स भी कत्थक का प्रदर्शन कर रहे थे और यही भारतीय शास्त्रीय संगीत का स्वरूप है, जो आज के सांस्कृतिक प्रदूषण के समय मन को आनंद व शान्ति देता है।
नृत्य निर्देशन चेतन कुमार जवड़ा व रमा पचीसिया का रहा, तबला व पडन्त चेतन कुमार जवड़ा, पखावज पर भवदीप जवड़ा, गायन एवं हारमोनियम पर सावर मल कत्थक, सितार किशन कत्थक, तबले पर मोहित कत्थक ने संगत की।
कल होगी जयपुर घराने के अन्तर्राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां
कल दिनांक 30 अप्रैल को सांय 6 बजे भीलवाड़ा की युवा कलाकार मनस्वी पचिसिया, जयपुर कत्थक घराने के स्व. पं. राजकुमार जवड़ा के सुपुत्र जवड़ा ब्रदर्श (चेतन व भवदीप) की एकल प्रस्तुति, साथ दिल्ली के मुकेश प्रवीण गंगानी, जयराज जवड़ा जयपुर घराने की प्रस्तुतियां होगी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विदुषी शशी सांखला (नृत्य गुरू), डॉ. रीमा गोयल जयपुर कत्थक घराना से होगी।