बदलता मौसम दे सकता है बीमारियां, आमजन को करें सजग और सतर्क
सीकर। बदलते मौसम में मौसमी बीमारियों की आशंका है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक गतिविधियां तेज करते हुए आमजन से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और मच्छरों को पनपने नहीं दें। वहीं एहतियाद बरतें और नियमित रूप से साफ-सफाई करें, ताकि मलेरिया, डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों को रोका जा सके। इस संबंध में सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर भी आवश्यक गतिविधियां की जा रही हैं। शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में टीकाकरण, मौसमी बीमारियों की रोकथाम संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को मच्छरजनित बीमारियों के बारे में आमजन को जानकारी देते हुए सजग करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मौसमी बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना है। इसलिए घर से इसकी शुरूआत करनी होगी। घर में रखे गमले, मटके, छतों पर अनावश्यक पड़े टायर, कबाड़ आदि में मच्छर पनपते हैं। बेम्बू, बोतल आदि में लगे पौधों में भी लार्वा पैदा होते हैं, इनके पानी को सप्ताह में दो बार अवश्य बदलें। नियमित रूप से सफाई अभियान घर में भी चलाएं। घरों के आस-पास भी पानी एकत्रित न होने दें। कूलर व फ्रीज के पीछे लगी ट्रे को नियमित रूप से साफ करें। बुखार से पीडित रोगियों की रक्त स्लाइड लेने, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया के लक्षणों की जानकारी देते हुए एंटीलार्वल गतिविधियां करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय टीमें नियमित सर्वे के साथ ही आमजन को जागरूक करें और बुखार आदि होने पर नजदीकी चिकित्सालय में संपर्क करें। नीम की पत्तियों का धुंआ घर में फैलाएं, पानी के बर्तन को खुला न रखें, कीचन एवं बाथरूम को सूखा रखें, कूलर का पानी सुबह-शाम बदलें। शरीर पर मच्छर को दूर रखने वाली क्रीम लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आस-पास मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव करवाएं।
ये हैं डेंगू के शुरुआती लक्षण
सीएमएचओ डॉ निर्मल सिंह ने बताया कि डेंगू के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगती है, भूख कम लगती है, सिरदर्द, कमरदर्द, चमड़ी के नीचे लाल धब्बे होना और आंखों में तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ ही उसे लगातार तेज बुखार रहता है। इसके अलावा, जोड़ों में दर्द, बेचौनी, उल्टियां, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। चूंकि डेंगू वायरस के कारण होता है इसलिए इसका उपचार किसी एक तरह से संभव नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि इन लक्षणों को पहचानकर व्यक्ति बिना देरी के चिकित्सक से मिले और इसका उपचार करवाए। इस दौरान अधिक से अधिक पानी व पेय पदार्थ लेना चाहिए और आराम करना जरूरी है। बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।