उच्च शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री की योजना का मनमर्जी से हो रहा है बंटाधार
शाहपुरा भीलवाड़ा. शाहपुरा जिला मुख्यालय के उच्चशिक्षित बेरोजगार के लिये मुख्यमंत्री के द्वारा सत्र 2021-22 में शुरू की गई योजनाएं एक मील का पत्थर साबित हुई । जानकारी के अनुसार वेद प्रकाश धाकड़ ने बताया कि राजकीय महाविद्यालय में सहायक आचार्य की कमी को विद्या संबल योजना चलाकर पूरे प्रदेश में यूजीसी नियम 2018 के अनुसार शिक्षको की मेरिट सूची बनाकर उन्हें लगाया गया। जिससे छात्र छात्राओं का प्रवेश प्रतिशत बढ़ा और पढ़ाई के प्रति रूझान भी बढ़ा।आज वर्तमान में विद्या संबल योजना में लगे शिक्षको की आयुक्तालय और शिक्षा शासन सचिव आदि ने इस योजना का अपनी मनमर्जी से बंटा धार कर दिया है। पिछले सत्र में इन शिक्षको को जुलाई में बुला लिया गया था और अब यह कहा जा रहा की आपकी जब आवश्यकता होगी तब आपको बुला लिया जायेगा। इनकी मन मर्जी के चलते यह कभी हटा देते हैं और कभी लगा देते हैं। उच्च शिक्षित बेरोजगार लोग क्यों प्राइवेट महाविद्यालय छोड़कर इस योजना का लाभ उठाते। शिक्षा मंत्री को सैकड़ो पत्र लिखें और उनसे सैकड़ो व्यक्तिगत उनके घर पर मिलकर भी आए थे तब उन्होंने कहा कि जो कुछ करेंगे वह मुख्यमंत्री जी करेंगे मुख्यमंत्री को सैकड़ों पत्र लिखे जा चुके हैं।अभी वर्तमान में चल रहा अंतिम विधान सभा सत्र में भी विद्या संबल योजना के शिक्षको को लगाने का मौखिक बोला दिया गया और कहा कि एक या दो दिन मे आदेश हो जायेगा वो आदेश अभी तक नहीं निकला है प्रशासन से परमिशन लेकर विधान सभा के बाहर या सीएमआर या आयुक्तालय के बाहर गांधीवादी तरीके से उच्च शिक्षित बेरोजगार प्रदर्शन करेंगे।