सीआईडी सीबी करेगी पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के मामले की जांच
बीकानेर। मेड़ता पुलिस की कस्टडी में युवक की मौत के मामले को लेकर पीबीएम होस्पीटल की मोर्चरी के बाहर तीन दिन से चल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी नेताओं का धरना गुरूवार को खत्म गया है। जानकारी के अनुसार इस मामले को लेकर धरने पर बैठे रालोप नेताओं के प्रतिनिधि मंडल को डिविजनल कमिश्नर नीरज के पवन ने अपने चैंबर में बुलाया और उनके साथ समझौता वार्ता की। करीब एक घंटे तक चली वार्ता में रालोप नेताओं ने अपना मांग पत्र डिविजनल कमिश्नर को सौंप दिया । इन नेताओं में पार्टी विधायक इंद्रा बावरी,पुखराज गर्ग और विजयपाल बेनीवाल के अलावा बीकानेर और नागौर के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल थे। समझौता होने के बाद पीबीएम मोर्चरी के बाहर धरना खत्म हो गया और मृतक का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
-इन मांगों की सहमति पर हुआ समझौता
डिविजन कमिश्नर की मौजूदगी में हुए समझौते में मृतक राजू बावरी के परिजनों को 25 लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्णय हुआ है। इसके अलावा इस मामले में प्रथम दृष्ट्या दोषी दो पुलिस अधिकारियों को नागौर से बाहर स्थानान्तरित किया गया है। वहीं बस में राजू को लेकर जा रहे पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया जा रहा है। इन सभी के खिलाफ जांच की जाएगी। पूरे मामले की जांच सीआईडी सीबी करेगी। मृतक राजू बावरी के एक परिजन को सरकारी विभाग में संविदा पर नौकरी दी जाएगी। मामले की प्रशासनिक जांच बीकानेर के संभागीय आयुक्त नीरज के. पवन करेंगे।
-यह हुई थी घटना
जानकारी में रहे कि चोरी के एक मामले में वांच्छित नकबजन राजू बावरी को मेड़ता पुलिस गिरफ्तार करके रोड़वेज बस से मेड़ता ले जा रही थी,इस दौरान राजू बावरी बस से गिरकर घायल हो गया और गंभीर चोटें लगने पर उसे पीबीएम के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस हिरासत में हुई मौत के इस मामले को लेकर मृतक के परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया और शव लेने से इंकार कर दिया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेताओं ने इसे मुद्दा बना लिया और मेड़ता विधायक इंद्रा देवी अपने समर्थकों के साथ पीबीएम होस्पीटल मोर्चरी के बाहर धरना देकर बैठ गई। पार्टी के आव्हान विधायक पुखराज गर्ग समेत नागौर और बीकानेर के रालोप नेता धरने में शामिल हो गये। जिससे मामला तूल पकड़ गया था।