राजस्थान में टिकटों को लेकर भाजपा और कांग्रेस में घमासान
राजस्थान में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही टिकटों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में घमासान
मचा है। दोनों ही पार्टियां टिकटों को लेकर लगातार मंथन कर रही है। बगावत की आशंका को भांपकर
अपनी रणनीति को अंतिम देने के प्रयास में जुटी है। कई दिग्गजों के टिकट कटने की आशंका जताई जा रही
है। भाजपा स्वयं को विचार और सिद्धांत वाली पार्टी कहती है, मगर उसके अनुशासित कहे जाने वाले
नेताओं के आचरण से ऐसा कहीं नहीं लगता। यहाँ तक की संघ से दीक्षित लोग भी अनुशासन की धज्जियाँ
उड़ाने में लगे है। अभी भाजपा ने 200 में से 41 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। जिसे लेकर
ऊपर से नीचे तक कोहराम मच गया है। इससे भाजपा आलाकमान सकते में है और भीतरघात की आशंका
से एक बारगी घबरा गए है। देश के पूर्व उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत के दामाद नरपतसिंह राजवी टिकट
नहीं मिलने पर आपे से बाहर हो गए। पूर्व मंत्री राजवी की बगावत देखते ही पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण
सिंह उनके घर पहुंचे और पार्टी अनुशासन की दुहाई देकर उनका बयान बदल वाया। जिन सांसदों को टिकट
दिया गया है उनके क्षेत्रों में भी बगावत के झंडे लहराने लगे। विशेषकर राज्यवर्धन सिंह और देवजी पटेल के
क्षेत्रों में उनके विरोध में कार्यकर्त्ता सड़कों पर आकर नारेबजी करने लगे। लगभग एक दर्ज़न क्षेत्रों में पार्टी के
अधिकृत प्रत्याशियों का बढ़चढ़ कर विरोध हो रहा है। पार्टी नेताओं को विश्वास है यह विरोध स्वाभाविक है
और जल्द ही थम जायेगा। अभी तो भाजपा ने सिर्फ 20 प्रतिशत सीटों की घोषणा की है। जब सारी सीटों पर
घोषणा हो जाएगी तब जाकर असल स्थिति सामने आएगी। इसी बीच भाजपा ने कई लोगों को पार्टी में
शामिल कर अपनी स्थिति सुदृढ़ होने का दावा किया है। मारवाड़ के कद्दावर नेता रहे स्व. नाथूराम मिर्धा
की पोती ज्योति मिर्घा के बाद विश्वजीत जीत सिंह मेवाड़ और भवानी सिंह कालवी भी भाजपा में शामिल हो
गए हैं। नेताओं के पार्टी में शामिल होने के बाद राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा जिनकी
आज पार्टी में सदस्यता हुई है वह वीर महाराणा प्रताप के वंशज विश्व राज सिंह हैं और दूसरे भवानी सिंह
कालवी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व.कल्याण सिंह कालवी के पोते है जिनके पिता लोकेन्द्र सिंह करनी सेना के
अध्यक्ष रहे हैं।
कांग्रेस भी मारामारी की बीमारी से अछूती नहीं है। पार्टी ने अभी कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है मगर
नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे की खिलाफत में मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। आरोप प्रत्यारोप में
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पीछे नहीं है। उन्होंने एक बार फिर सचिन पायलेट खेमे पर जमकर हमला
बोला और कह कुछ विधायकों ने 10 से 20 रूपये सरकार गिराने के लिए लिए। कांग्रेस के कार्यकर्त्ता दिल्ली
जाके विरोध प्रदर्शन कर रहे है। इनमें कई वर्तमान मंत्रियों और विधायकों को टिकट नहीं देने की मांग कर
रहे है। कांग्रेस में मंत्रियों के टिकट कटने की संभावना बनी हुई है जिसमें कई बड़े नाम शामिल हैं, इनमें
भरतपुर के कामां से विधायक और मंत्री जाहिदा खान का जोरदार विरोध हो रहा है वहीं, कोलायत से
विधायक और मंत्री भंवर सिंह भाटी, मंत्री लालचंद कटारिया, मंत्री राजेंद्र यादव, मंत्री बिजेंद्र सिंह ओला,
बीडी कल्ला जैसे कई नाम है जिनके टिकट काटे जा सकते हैं। इन मंत्रियों का अपने ही क्षेत्रों में विरोध हो रहा
है और सर्वे रिपोर्ट में भी इन्हें पीछे पाया गया है। यह भी बताया जा रहा है कांग्रेस में 100 से अधिक ऐसे
विधायक हैं जिनके खिलाफ नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। जिन उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया
है, उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा, चाहे वह गहलोत खेमे से हों या पायलट के। कांग्रेस आलाकमान सभी
स्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है, इसलिए फूंक फूंक कर कदम उठाये जा रहे है। हाल फिलहाल गहलोत
और पायलेट गुट आमने सामने है। कई वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों ने अपने पुत्रों को टिकट देने की मांग
की है।