व्यापारियों एवं करदाताओं को वाणिज्यिक कर विभाग ने किया सावचेत
कोटा। अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर शंभू दयाल मीणा की अध्यक्षता में राज्य कर वाणिज्यिक कर विभाग व कोटा उद्यमियों की बैठक विभाग के कार्यालय में आयोजित की गई। जिसमें फर्जी पंजीयन से सावचेत रहने के दिशा निर्देश अतिरिक्त आयुक्त शंभू दयाल ने दिए उन्होने बताया कि राज्य कर एवं केंद्रीय कर विभाग द्वारा फर्जी पंजीयन के विरुद्ध दिनांक 16 मई 2023 से 15 जुलाई 2023 तक 2 माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत ऐसे पंजीकृत व्यक्ति जो बिना माल अथवा सेवाओं की वास्तविक सप्लाई किए, केवल टैक्स इन्वॉयस के माध्यम से आईटीसी का समायोजन कर राजकोष को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर उनका पंजीयन रद्द करने समेत अन्य विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के परिज्ञान में आया है कि व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर इस प्रकार के कुछ संदेशों का आदान प्रदान हो रहा है जिनमें इस अभियान के दौरान सभी व्यापारियों के पंजीयन सत्यापन अथवा उनके व्यवसाय स्थल सत्यापन किए जाने संबंधी समाचार प्रसारित किए जा रहे हैं। यह संदेश पूरी तरह भ्रामक है एवं अभियान की वास्तविक मंशा को प्रदर्शित नहीं करता है। इस अभियान के तहत सामान्य व्यापार करने वाले करदाताओं का किसी प्रकार का सत्यापन अथवा जांच प्रस्तावित नहीं है।
इस संबंध में एक बैठक अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर शंभू दयाल मीणा के कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कोटा व्यापार महासंघ के सचिव अशोक माहेश्वरी, एसएसआई एसोसिएशन के संरक्षक गोविंद राम मित्तल, एसएसआई एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित सिंघल, भूतपूर्व अध्यक्ष राजकुमार जैन, विपिन सूद उपस्थित रहे। विभाग की ओर से अतिरिक्त आयुक्त शंभू दयाल मीणा, संयुक्त आयुक्त शिवेंद्र कुमार सक्सेना, मौजी राम मीणा, अनुपम शर्मा, उपायुक्त मयंक शर्मा, रतीश कुमार जैन, विनोद बेनीवाल उपस्थित रहे।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि फर्जी पंजीयन प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के चिन्हीकरण की भी एक विस्तृत प्रक्रिया है । उस प्रक्रिया के माध्यम से चिन्हित फर्जी व्यक्तियों के सत्यापन की कार्यवाही ही संपादित की जानी है। वास्तविक व्यापारियों को इस अभियान से किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी उन से निवेदन है कि वह बिना किसी भ्रामक सूचना पर भरोसा किए सामान्य रूप से अपने व्यापार संपादित करते रहे। सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक संदेशों से विभाग अथवा राज्य सरकार का कोई संबंध नहीं है।