शिकायतों पर अब होगा फील्ड में समाधान: सम्पर्क पोर्टल प्रकरणों में पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश
झालावाड़। जिले में आमजन को उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक सेवाओं की गुणवत्ता, सुचारू संचालन एवं समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं जनसंतुष्टि को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आमजन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं योजनाओं के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश: जिला कलेक्टर ने जिले में पेयजल, सिंचाई एवं विद्युत आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल एवं सिंचाई के लिए पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए, जिससे आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पर्यटन स्थलों के विकास हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश: बैठक में श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के अंतर्गत पर्यटन स्थलों के जीर्णाेद्धार हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इस संबंध में जिला कलेक्टर ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद को निर्देश दिए कि प्रस्तावित कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे जिले के पर्यटन स्थलों का विकास हो सके।
बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश: बैठक में राज्य सरकार की बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिन योजनाओं के लिए भूमि आवंटन आवश्यक है, उनके संबंध में समय रहते आवश्यक सूचनाएं एकत्रित कर अग्रिम प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। साथ ही जहां भूमि अवाप्ति की आवश्यकता है, वहां नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करते हुए योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
सम्पर्क पोर्टल पर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य: बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने ‘सम्पर्क पोर्टल’ पर आमजन द्वारा दर्ज की जा रही शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के नवीन निर्देशों के अनुसार आगामी माह से चयनित प्रकरणों में अधिकारियों को फील्ड में जाकर स्वयं परिवादी से मिलकर उसकी समस्या का समाधान सुनिश्चित करना होगा। परिवादी की संतुष्टि के पश्चात ही संबंधित प्रकरण को सम्पर्क पोर्टल पर निस्तारित दर्ज किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है।
ई-फाइल प्रणाली में विलंब नहीं सहन होगा: जिला कलेक्टर ने ई-फाइल प्रणाली की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए कि ई-फाइल्स का निर्धारित समयावधि में निस्तारण किया जाए तथा कार्य में अनावश्यक विलंब से बचा जाए। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस के माध्यम से कार्यों में गति एवं पारदर्शिता लाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश: बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने अंतर्विभागीय प्रकरणों पर संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की तथा लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने राजकीय कार्यालयों के भवनों के आवंटन से संबंधित शेष रहे पट्टों के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित पट्टे शीघ्र जारी किए जाएं।
फ्लैगशिप योजनाओं में प्रगति लाने पर जोर: विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभु दयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।