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बूंदी में सतत बकरी पालन पर सम्मेलन, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

बूंदी में सतत बकरी पालन पर सम्मेलन, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

रिलायंस फाउंडेशन, आईसीएआर-सीआईआरजी और पशुपालन विभाग के सहयोग से आयोजित हुआ कॉन्क्लेव
जिला परिषद सीईओ रवि वर्मा, आईसीएआर-सीआईआरजी निदेशक डॉ. एम.के. चटली सहित विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

बूंदी: राजस्थान में सतत बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए रिलायंस फाउंडेशन, आईसीएआर-सीआईआरजी (केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान) और राजस्थान पशुपालन विभाग के सहयोग से बूंदी में एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें वैज्ञानिकों, नीति निर्धारकों, सरकारी अधिकारियों, प्रगतिशील बकरी पालकों और स्वयंसेवी संगठनों ने भाग लिया। सम्मेलन में वैज्ञानिक पद्धतियों, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य और विपणन रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।राजस्थान में 2.08 करोड़ बकरियां (देश की कुल बकरियों का 14 प्रतिशत) हैं, जो छोटे और भूमिहीन किसानों की आजीविका का मुख्य स्रोत हैं। रिलायंस फाउंडेशन ने बूंदी, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा के 260 गांवों में वैज्ञानिक बकरी पालन को बढ़ावा दिया है, जिससे 15,500 से अधिक परिवारों को लाभ मिला है।

सम्मेलन में बूंदी जिला परिषद के सीईओ रवि वर्मा, आईसीएआर-सीआईआरजी (मखदूम, मथुरा) के निदेशक डॉ. एम.के. चटली, राजस्थान पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रामलाल मीणा और आईसीएआर-सीएसडब्ल्यूआरआई (अविकानगर, टोंक) के निदेशक डॉ. अरुण तोमर सहित कई विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।रिलायंस फाउंडेशन के प्रतिनिधि नितिन शर्मा और राधा ठाकुर ने बताया कि फाउंडेशन विभिन्न क्षेत्रीय भागीदारों के सहयोग से सतत और लाभदायक बकरी पालन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने इस सम्मेलन को दीर्घकालिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोग बताया। सम्मेलन में प्रगतिशील महिला बकरी पालकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ‘उन्नत बकरी पालन – समृद्धि की ओर एक कदम’ पुस्तिका भी जारी की गई।

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