ब्यावर-गोमती हाइवे का निर्माण अब उदयपुर रोड चुंगी नाके से शुरू होगा
116.3 किलोमीटर ब्यावर-गोमती राजमार्ग पर 721.62 करोड़ रुपए खर्च होंगे
ब्यावर। सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ब्यावर-गोमती मार्ग का निर्माण अब उदयपुर रोड चुंगी नाके से शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट में चुंगी नाका स्थित पुलिया से पिंडवाड़ा पुलिया तक का लगभग 800 मीटर का हिस्सा भी शामिल कर लिया गया है। पूर्व में ब्यावर-गोमती मार्ग पिंडवाड़ा पुलिया से शुरू किया जाना था। विद्युत वितरण निगम की ओर से हाल में चुंगी नाका पुलिया से पिंडवाड़ा पुलिया तक विद्युत पोल व लाइन को शिफ्ट करने के लिए एनएचएआई को लगभग 29 लाख का तकमीना सौंपा गया है। एनएचएआई की ओर से निगम में सुपरविजन चार्ज के तौर पर पांच प्रतिशत राशि जमा कराने के बाद एनएचएआई द्वारा शिफ्टिंग का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। इससे पूर्व ब्यावर डिवीजन द्वारा सनवा से राजियावास तक पोल शिफ्टिंग को लेकर लगभग 45 लाख का तकमीना दिया गया था। साथ ही जवाजा सब डिवीजन द्वारा राजियावास से शेरों का बाला तक पोल शिफ्टिंग के लिए लगभग एक करोड़ 75 लाख का तकमीना दिया गया है। एनएचएआई द्वारा तकमीने की 5 प्रतिशत राशि होने के बाद निगम के सुपरविजन में पोल व लाइन शिफ्टिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। प्रस्तावित हाईवे से पोल व लाइन शिफ्टिंग के बाद ही ब्यावर-गोमती हाईवे मार्ग के निर्माण में गति आएगी। मार्ग निर्माण की जद में आ रहे विद्युत पोल व लाइन को शिफ्टिंग किए बगैर मार्ग विस्तारीकरण कार्य पूर्ण होना संभव नहीं है। इसलिए एनएचएआई द्वारा अब जल्दी ही लाइन शिफ्टिंग का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। ब्यावर-गोमती मार्ग विस्तारीकरण योजना के अनुसार इस दौरान 6 फ्लाई ओवर का निर्माण होगा। साथ ही मार्ग पर 43 छोटे ब्रिज के साथ ही एक आरओबी का निर्माण किया जाएगा। ब्यावर से गोमती तक फोरलेन कार्य हो जाने के बाद दिल्ली से जयपुर, अजमेर, ब्यावर, राजसमंद, उदयपुर और अहमदाबाद तक यात्रा सुगम हो जाएगी। बता दें कि ब्यावर-गोमती राजमार्ग की कुल लंबाई 116.3 किलोमीटर है जिस पर 721.62 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उक्त परियोजना 2 चरणों में पूर्ण होगी। इस दौरान 100 विद्युत टॉवर शिफ्ट होंगे। परियोजना मार्ग में 43 छोटे ब्रिज, एक ओवर ब्रिज व छह फ्लाई ओवर का निर्माण होगा। इस परियोजना के बाद इस मार्ग पर सडक़ दुर्घटनाओं की आशंका काफी कम हो जाएगी। इस मार्ग पर कई ब्लैक स्पॉट ऐसे थे, जहां पर वाहनों की गलत ओवर टेकिंग के कारण दुर्घटनाएं होती रहती थी। वर्तमान में यह सडक़ जयपुर से ब्यावर तक सिक्स-लेन तथा गोमती से उदयपुर तक फोर-लेन में है।