औषधीय गुणों का खजाना है गाय का दूध
मोदी सरकार के नौ वर्षों के कार्यकाल में गायों के संवर्धन की दिशा में एक अच्छी खबर आई है।
एक अधिकृत रिपोर्ट के अनुसार दूध के उत्पादन एवं उत्पादकता में स्वतंत्रता के बाद से सर्वाधिक
वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार देश में नौ वर्षों में दूध का उत्पादन लगभग 57 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ा
है। वर्ष 2013-14 के दौरान देश में 1463 लाख टन दूध का उत्पादन हुआ था, जो 2022-23 में बढ़कर 2306.0
लाख टन हो गया है। यह सर्दी का मौसम है, ऐसे में दूध की चर्चा करना समीचिन प्रतीत होता है।
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे लोग थर थर कांप रहे हैं। सर्दी की बीमारियां भी घर घर में
फेल रही है। ऐसे में गर्म दूध का सेवन लोगों को राहत पहुंचा सकता है। दूध हर उम्र के लोगों के लिए अमृत
समान है। दूध स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक और संपूर्ण आहार है। गर्म दूध के सेवन से कई फायदे मिलेंगे। दूध
को गर्म करने से इसमें मौजूद पौष्टिक तत्व कई गुना बढ़ जाते हैं। आयुर्वेद में गर्म दूध के अनेक फायदे
बताये गए है। विशेषकर सर्द मौसम में गर्म दूध का सेवन करना सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता
है। एक स्टडी के मुताबिक हर रोज एक गिलास गर्म दूध पीने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है। दूध में लौंग
अथवा हल्दी को मिलाकर पीने से कई लाभ हो सकते हैं। एक स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक दूध और लौंग कई
सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। दूध फॉस्फोरस, मैग्नशियिम, आयोडीन, वटिामनि ए, डी, के से भरपूर
होते हैं तो वहीं लौंग में कॉर्बोहाइड्रेट, आयरन, सोडयिम की अच्छी मात्रा मौजूद होती है। आयुर्वेद के अनुसार
हल्दी मिला दूध अपने एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता।
साथ ही शरीर के दर्द में आराम देता है। हाथ पैर व शरीर के अन्य भागों में दर्द की शिकायत होने पर रात को
सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करें। अच्छी नींद, वजन कम, सर्दी-खांसी दूर ,ब्लड सर्कुलेशन आदि
का कार्य भी करता है। लौंग वाले दूध के लिए बताया जाता है यह गले के लिए फायदेमंद, शरीर में एनर्जी
,कब्ज की समस्या से राहत, मुंह की बदबू दूर करने में सहायक और दांतों के दर्द से राहत का काम करेगा।
सर्दी हो या गर्मी दूध स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक और संपूर्ण आहार है। यह किसी अमृत से कम नहीं है। दूध में
पाए जाने वाले पोषक तत्व इसे एक संपूर्ण आहार बनाते हैं। इंटरनेशनल डेयरी जर्नल की एक रिपोर्ट के
मुताबिक जो लोग रोजाना कम से कम एक ग्लास दूध पीते हैं वे हमेशा मानसिक और बौद्धिक तौर पर
बेहतर स्थिति में होते हैं। शाकाहारी हो या मांसाहारी, बच्चा हो या बुर्जुग सभी वर्ग के लोग दूध सेवन कर
सकते हैं। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के अनुसार गाय का दूध और उससे बनी चीजें, जैसे पनीर, दही,
मक्खन बड़ी मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन प्रदान करते हैं, जो संतुलित आहार के लिए जरूरी हैं।
कैल्शियम और प्रोटीन के अलावा दूध में कई तरह के विटामिन पाए जाते हैं। यह विटामिन ए और डी का
बेहतर स्रोत है। आयुर्वेद के अनुसार गाय का दूध सबसे अधिक पौष्टिक होता है। दूध आपकी भूख को शांत
कर आपको मोटापे से भी छुटकारा दिलाने में बहुत सहायक होता है। दूध अपने आप में एक सम्पूर्ण आहार
है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और दिमाग तेज होता है इसीलिए घर के बड़े बुजुर्ग से लेकर डॉक्टर्स तक
रोजाना दूध पीने की सलाह देते हैं
भारत का विश्व दुग्ध उत्पादन में 18 प्रतिशत हिस्सा है। भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में
कृषि के बाद डेयरी उद्योग की प्रमुख भूमिका है। आजादी के बाद से दूध उत्पादन में यह सबसे अधिक
वृद्धि है। भारत में प्रत्येक वर्ष दूध उत्पादन 5.9 प्रतिशत से ज्यादा की दर से बढ़ रहा है, जबकि दुनिया में
दूध की औसत वृद्धि दर मात्र दो प्रतिशत प्रतिवर्ष है। भारत के दूध की विदेशों में भी मांग बढ़ने लगी है।
लगभग डेढ़ सौ देशों में भारत के डेयरी प्रोडक्ट की मांग है। पिछले वर्ष 65 लाख टन डेयरी प्रोडक्ट का निर्यात
हुआ है। देश की अर्थव्यवस्था में डेयरी सेक्टर का पांच प्रतिशत का योगदान है। लगभग आठ करोड़ लोगों के
रोजगार का साधन भी है। सरकार दूध की बढ़ती मांग को पूरा करने और डेयरी को अधिक लाभकारी बनाने
के लिए प्रयासरत है। नई योजना से देसी नस्लों के पशुओं की संख्या और दूध की उपलब्धता में वृद्धि हो
रही है।
- बाल मुकुन्द ओझा