पुतिन-ट्रंप में हुई अहम बातचीत, यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा
मॉस्को। व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच शनिवार को टेलीफोन पर अहम बातचीत हुई। यह बातचीत अमेरिका के 250वें स्थापना दिवस के अवसर पर हुई, जब पुतिन ने ट्रंप को शुभकामनाएं दीं।
रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने बताया कि यह केवल औपचारिक बातचीत नहीं थी, बल्कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित एक रचनात्मक और गंभीर संवाद था। दोनों नेताओं के बीच इस वर्ष यह चौथी बातचीत रही।
वार्ता के दौरान यूक्रेन युद्ध प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। रूस की ओर से पुतिन ने युद्धक्षेत्र की मौजूदा स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि रूसी सेना विभिन्न मोर्चों पर आगे बढ़ रही है। रूसी पक्ष का दावा है कि यूरोपीय देशों को जमीनी हालात का सही आकलन नहीं है और उनकी धारणा वास्तविक स्थिति से अलग है।
दोनों नेताओं ने सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में संवाद बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। रूसी पक्ष के अनुसार, दोनों देशों के बीच सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। वहीं, ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का जल्द समाधान भविष्य में व्यापक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण होगा।
रूस ने यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों पर संघर्ष को और बढ़ाने का आरोप भी लगाया। बातचीत में हाल ही में यूक्रेन द्वारा रूसी ठिकानों, खासकर तेल उद्योग से जुड़े प्रतिष्ठानों पर किए गए लंबी दूरी के हमलों का भी जिक्र हुआ। रूस का दावा है कि इन हमलों के कारण कुछ इलाकों में ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है।
इस बीच, रूसी राष्ट्रपति के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने संकेत दिया कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वोलोदिमिर जेलेंस्की भविष्य में मॉस्को आकर पुतिन से मुलाकात कर सकते हैं।
पेसकोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति ने अपने यूक्रेनी समकक्ष का मॉस्को में स्वागत करने की इच्छा जताई है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संभावित बैठक का स्थान रूस की राजधानी मॉस्को ही होगा।
रूस और अमेरिका के राष्ट्रपतियों के बीच हुई यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब यूक्रेन युद्ध और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को लेकर दुनिया की नजरें दोनों देशों पर टिकी हुई हैं।