डूमाडा में कार चालक पर जानलेवा हमला कर 1.61 लाख की लूट
मांगलियावास. डूमाडा में बीती रात्रि कार चालक पर जानलेवा हमला कर 1.61 लाख की लूट लिए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश आरंभ कर दी है। घटना को लेकर पीड़ित भांवता निवासी राम सिंह पुत्र मुगन सिंह राजपुत उम्र 38 वर्ष ने दर्ज कराये मामले में बताया कि 25 जून की रात 9 बजे अजमेर से अपने गांव भांवता जाने के लिए अजमेर से रवाना हुआ था। तभी करीब 9-30 पीएम पर डूमांडा में शराब के ठेके से पहले तिराहे पर अपनी कार अल्टो से पहुंचा तो उसके पीछे उसी के गांव के लोकेश सिंह पुत्र हिम्मत सिंह व हिमांशु पुत्र गिरधारी सिंह अपनी कार क्रेटा से आ रहे थे। तभी अचानक तिराहे पर मौजूद डूमांडा गांव के 10-15 व्यक्ति जिनके नाम लक्ष्मण पुत्र भंवर लाल रामा पुत्र देवा, विष्णु पुत्र चतरा, जगदीश पुत्र शिवराज, अतुल पुत्र नामालूम व अन्य लोगो ने जबरदस्ती उसकी कार को रुकवाई तथा शराब के लिए पैसो की मांग की। उसके द्वारा पैसे नही देने पर उसकी कार की चाबी छीन ली। उसे नीचे खिंचकर उसके साथ मारपीट करने लगे तथा उन्होंने उसकी कार में रखे फर्नीचर का केश करीब 1.61 लाख रुपये को जबरदस्ती लूट लिये। जिसके बाद उसके पीछे आ रहे उसके भतीजे लोकेश व हिमांशु ने उसका बीच बचाव किया तो उक्त लोगो ने उनके साथ भी मारपीट की तथा उनकी गाडी की चाबी भी निकाल ली तथा उनकी गाडी में से भी पैसे लूटने का प्रयास किया। उसके बाद लोकेश ने विजेन्द्र सिंह को फोनकर सूचना दी कि डुमांडा में उनके साथ लूट व मारपीट हो रही है। जिस पर विजेन्द्र सिंह, हिम्मत सिंह व अजय सिंह यह लोग अपनी मोटर साईकिल से मौके पर पहुंचे तो उक्त लोगो ने कुल्हाडी, सरिया तथा अन्य धरदार हथियारों से उन सभी पर हमला कर दिया। जिससे विजेन्द्र सिंह, लोकेश सिंह, राम सिंह, अजय सिंह, हिम्मत सिंह तथा अन्य लोगो के सिर तथा शरीर के अन्य भागों में गम्भीर चोटे आयी है। जिसके बाद पीड़ित भयभीत होकर अपनी जान बचाकर वहां से भागे। नही तो आरोपी शराब के नशे में उन्हें जान से भी मार देते। वह सभी भागकर अपनी जान बचाकर सराधना चौकी पहुंचे। जहा से पुलिस को सूचना दी। तो पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया कि कि उक्त लोग आदतन अपराधी है। पूर्व में भी इन लोगों के विरुद्ध कई मुकदमे दर्ज है। घटना के बाद से पीड़ित पक्ष दहशत के साए में है। पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपियों से उन्हें जान माल का खतरा बना हुआ है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।