डीग: लोकतंत्र के उत्सव में डीग की अनूठी पहल: कहीं सजा 'एसआईआर' का मानव रंग, तो कहीं नुक्कड़ नाटक से गूंजा जागरूकता का स्वर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम
डीग। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' कार्यक्रम को डीग जिले में एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में मंगलवार को जिले भर के शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता की एक सतरंगी छटा देखने को मिली। क्या कॉलेज, क्या स्कूल और क्या गांव की गलियां—हर जगह लोकतंत्र को सशक्त बनाने की अलख जगाई गई।
रंगमंच से संदेश: "वोट हमारा अधिकार, पहचान हमारी शान
जागरूकता की इस कड़ी में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दिदावली (डीग) में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के छात्र-छात्राओं ने एक शानदार नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के जरिए ग्रामीणों और साथियों को समझाया कि लोकतंत्र में एक-एक वोट की क्या कीमत है। नाटक के माध्यम से विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की बारीकियों को बहुत ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। छात्रों ने बताया कि कैसे 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा अपना नाम जुड़वा सकते हैं और कैसे मतदाता सूची में त्रुटियों को सुधारा जा सकता है। उनकी इस प्रस्तुति ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया और संदेश सीधा लोगों के दिलों तक पहुंचा।
मानव श्रृंखला: छात्राओं ने बनाया "एसआईआर", अभिभावकों के लिए बनीं 'ब्रांड एंबेसडर'
शहर के लाला मनोहरलाल खण्डेलवाल राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में रचनात्मकता का अनूठा नजारा दिखा। यहाँ छात्राओं ने अनुशासन और एकजुटता का परिचय देते हुए विद्यालय प्रांगण में एक भव्य मानव श्रृंखला बनाकर अंग्रेजी के 'SIR' (Special Intensive Revision) अक्षरों की आकृति उकेरी। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने बताया कि यह गतिविधि केवल सांकेतिक नहीं थी, बल्कि छात्राओं को एक विशेष जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें प्रेरित किया गया है कि वे अपने अभिभावकों और आस-पड़ोस के लोगों को इस अभियान की जानकारी दें। इस गतिविधि में ईएलसी प्रभारी रजनी देवी, सरिता कुमारी, सुधा कुमारी, वन्दना कुमारी और हेमकुमारी सहित समस्त स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई।
बौद्धिक मंथन: युवाओं ने निबंध में लिखे सशक्त लोकतंत्र के मायने
जागरूकता की मशाल उच्च शिक्षा के गलियारों तक भी पहुंची। एम.ए.जे. राजकीय महाविद्यालय, डीग में "एसआईआर और मतदाता जागरूकता" विषय पर एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। युवा विद्यार्थियों ने अपनी लेखनी के माध्यम से बताया कि एक शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की नींव होती है। प्रतियोगिता में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने तर्कों से साबित किया कि डीग का युवा लोकतंत्र के प्रति कितना सजग है।
गलियों में मुनादी: "पुरानी फोटो बदलें, अपनी पहचान अपडेट करें"
प्रशासन ने जागरूकता अभियान को केवल संस्थाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे घर-घर तक पहुँचाया। जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में मोबाइल वैन और बाइक रैली के माध्यम से मुनादी (अनाउंसमेंट) करवाई गई। लाउडस्पीकर के जरिए आमजन को सूचित किया गया कि "जिन मतदाताओं की फोटो मतदाता सूची में पुरानी है, धुंधली है या ब्लैक एंड व्हाइट है, वे तुरंत अपनी नई रंगीन फोटो अपडेट करवाएं।" मुनादी में स्पष्ट किया गया कि एक अद्यतन मतदाता सूची ही सुगम मतदान की गारंटी है। शिक्षकों और बीएलओ ने भी घर-घर संपर्क कर इस कार्य में अपनी महती भूमिका निभाई।