उप-मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने की ‘पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव‘ की विजिट
जयपुर। हस्तकलाएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर की अमूल्य देन है। देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के लिए लघु व कुटीर उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह कहना है राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री दिया कुमारी का। वे आज जोधपुर के रावण का चबूतरा मैदान में आयोजित किए जा रहे ‘पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव- 2024‘ को संबोधित कर रही थी | यह उत्सव लघु उद्योग भारती की ओर से तथा जिला प्रशासन, जिला उद्योग वाणिज्य केंद्र तथा उद्यम प्रोत्साहन संस्थान के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई व ईपीसीएच जैसी संस्थाओं के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को लघु उद्योग व हस्तशिल्प में प्रोत्साहन का मौका मिल रहा है। केंद्र की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के जरिए पारंपरिक कलाकारों व शिल्पकारों को प्रोत्साहन देकर उन्हें औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य में लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। दिया कुमारी ने इस उत्सव की विजिट कर लघु एवं कुटीर उद्योग तथा हस्तशिल्प कला से निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के. के. विश्नोई, कृषि मूल्य एवं लागत आयोग के सदस्य (गैर शासकीय) श्री रतनलाल डागा, सूरसागर विधायक श्री देवेन्द्र जोशी, दक्षिण जोधपुर नगर निगम की महापौर सुश्री वनिता सेठ, जोधपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह राठौड़, जोधपुर शहर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री देवेन्द्र सालेचा, भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दलाराम, किसान संघ के प्रदेश मंत्री श्री तुलछाराम, प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान श्री शांतिलाल बालड, जोधपुर प्रांत अध्यक्ष श्री महावीर चौपड़ा और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री एस. एल. पालीवाल भी उपस्थित थे।