डेरा सच्चा सौदा की हैल्प लाईन बनी सहारा
कोटा। कोटा के तलवंडी स्थित गोयल अस्पताल में भर्ती बंूदी निवासी सीमा मालव को प्लेटलेट्स 19 हजार रह जाने पर चिकित्सक ने तुरन्त इमरजेंसी में ब्लड चढाने की जरूरत बताई। सीमा के ब्लड सेम्पल की जांच की गई तो पता चला उसका ब्लड एबी नेगेटिव है जो बहुत ही कम लोगों के होता है। ऐसे में परिजनों के सामने समस्या हो गई की सीमा की जान बचाने के लिए कहां से इन्तजाम किया जाये। परिजनों ने सभी ब्लड बैंकों में भाग दौड मचाई लेकिन दुर्लभ ब्लड एबी नेगेटिव कहीं से भी नहीं मिल पाया। ऐसे में ब्लड बैंक से परिजनों को पता चला कि कोटा से 40 किलोमीटर दूर सीमलिया प्रेमपुरा निवासी डेरा सच्चा सौदा का सेवादार गुरूप्रीत सिंह इन्सां का ब्लड एबी नेगेटिव है। सीमा के परिजनों ने रात 11 बजे गुरूप्रीत इन्सां से मोबाईल पर बात की परन्तु उन्होंने ब्लड डोनेट किये अभी तीन महिने का समय भी पूरा नहीं हआ था, उन्होंने जवाब दिया कि मैं अभी ब्लड नहीं दे सकता। उसके बाद परिजन परेशान होते रहे और मरीज की जान बचाना मुश्किल हो गया। ऐसे में सीमा के परिजनों ने वापस गुरूप्रीत इन्सां एवं डेरा सच्चा सौदा सिरसा हरियाणा में हैल्प लाईन पर फोन किया और कहा कि सीमा की जान अब आप ही ब्लड देकर बचा सकते हो। सीमा के परिजनों के दुबारा आग्रह करने पर हैल्प लाईन की सूचना पाकर खेत में मशीन चलाते हुए उसे छोडकर रात करीब 12 बजे गुरूप्रीत इन्सां कोटा पहुंचा और अपना दुर्लभ ब्लड एबी नेगेटिव देकर सीमा की जान बचाने के लिए फरिश्ता बनकर आया और अपना ब्लड बैंक तलवंडी पहुंचकर ब्लड डोनेट किया।
सेवादार राजेन्द्र सिंह हाडा के अनुसार डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से प्रारंभ की गई हैल्प लाईन पूरे देश में आमजन का सहारा बनकर सामने आई है। पूरे देश में कहीं से भी हैल्प लाईन पर मदद की गुहार करने पर वहां से सभी राज्यों में तुरन्त संबंधित शहर एवं एरिया के सेवादारों को मदद के निर्देश मिलते हैं। जैसे ही सेवादारों को सूचना मिलती है, वह तुरन्त ही अनजान लोगों की भी जान बचाने के लिए अपने सभी जरूरी काम छोडकर मदद के लिए दौड पडते हैं। इसी तरह हैल्प लाईन से जैसे ही कोटा में ब्लड समिति के जिम्मेवार एडवोकेट कौशल कुमार इसां के पास सूचना आई तो उन्होंने संबंधित डोनर सेवादार को फोन किया और वह तत्काल ब्लड बैंक पहुंचा और रोगी की जान बचाने के लिए ब्लड डोनेट किया। सेवादार ब्लड देने के बाद बताते हैं कि पूज्य गुरूजी की रहमत है जो उन्होंने किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने के लिए हमें चुना और मदद करने का अवसर दिया।