श्रीमद्भागवत कथा में नन्दोत्सव उत्सव में झूम उठे भक्तगण
संत गुरु मां तारा देवी ने भगवान कृष्ण के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जब धरती पर अधर्म पाप अनीति अत्याचार होता है तब प्रभु अवतरित होते हैं तथा भक्तों के कष्ट दूर करने के साथ अधर्म अनीति को फैलाने वाले का नाश करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे दिल में भगवान कृष्ण कन्हैया का प्राकट्य करने के लिए मन को पवित्र करना होगा काम क्रोध लोभ मद मोह माया का त्याग करके निस्वार्थ भाव से प्रभु का स्मरण करना होगा संत ने बताया मन बुद्धि चित कामना मोह माया लोभ आदि विकारों को समझाते हुए इन पर विजय का एकमात्र उपाय परमात्मा का निरंतर ध्यान करना बताया उन्होंने कहा कि भगवान का नाम सहजता से लेना चाहिए नंदोत्सव में झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी कृष्ण जन्मोत्सव बाल लीलाओं के प्रसंगो की रोचक झांकियां प्रस्तुत की गई नंदबाबा वासुदेव भगवान कृष्ण सुदामा बालसखा की झांकी आकर्षक का केंद्र रही कृष्ण जन्मोत्सव में श्रद्धालु झूम उठे तथा नाचने गाने लगे पुष्प वर्षा के साथ प्रसाद के रूप में खिलौने फल पंजीरी पंचामृत आदि वितरित किए गए कृष्ण जन्म पर श्र इलाद्धालुओं ने थाली बजाई सवित कैलाश चंद्र जोशी का अभिनंदन इंद्र कुमार बोहरा, अशोक पंचारिया, राजू व्यास, गणेश चांडा, मुकेश कोठारी द्वारा किया गया।