भगवान के दीक्षा कल्याणक भव्य बरघोड़ा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
वैर. क्षेत्र के सिरस गांव स्थित जैन श्वेताम्बर मंदिर में चल रही अंजनशलाका एवं प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत शनिवार को भगवान का दीक्षा कल्याणक भव्य वरघोड़ा निकाला गया। इससे पूरा सिरस क्षेत्र भगवान महावीर की आस्था में डूबा नजर आया। जैन श्रावक-श्राविकाओं का सैलाब ऐसा था कि करीब एक किलोमीटर का सफर तय करने में तीन घंटे लग गए। बाद में दोपहर को भगवान का धूमधाम से दीक्षा कल्याणक मनाया गया।
जैनाचार्य मरूधर रत्न रत्नाकर सूरीश्वर महाराज की निश्रा में चल रहे प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत सुबह 9 बजे काफी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं सिरस गांव स्थित पुराने मंदिर जा पहुंचे। जहां आयोजन समिति एवं मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों ने गांव के गणमान्य नागरिकों का अभिनंदन किया। इसके बाद प्रभु के माता-पिता बने रमेश भाई मोहन भाई एवं परिवारजनों ने भगवान को रथ में विराजित किया। जैसे ही भगवान को रथ में बैठाया चारों ओर महावीर के जयकारे गूंजने लगे। महोत्सव प्रचार-प्रसार समिति प्रभारी राजेश जैन ने बताया कि वरघोड़ा में आगे-आगे धर्म पताकाओं को लिए दो घुडसवार और उनके पीछे एक लाभार्थी परिवार को बिठाकर हाथी चलता रहा। बैण्डबाजे पर बज रहे भजनों की धुन पर युवा नृत्य करते हुए चले। उनके पीछे सिर पर कलश रखकर महिलाओं का समूह चल रहा था। उनके साथ ही भगवान के गर्भ में आने पर उनकी माता को आए चौदह स्वप्नों को सिर पर धारण कर महिलाएं मंगल गीत गाती हुई चलीं। बाद में आचार्य आदि ठाणा एवं गणिवर्य मणिरत्न सागर महाराज को लेकर आयोजन समिति एवं मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी व समाज के अन्य लोग चले। जैन अलर्ट ग्रुप ऑफ इण्डिया सैटेलाइट अहमदाबाद शाखा के कार्यकर्ता भगवान के रथ को लेकर चल रहे थे। रथ के पीछे-पीछे अन्य आचार्य आदि की तस्वीर लिए लाभार्थी परिवार झांकियों के रूप में चले। उनके पीछे जैन साध्वियां एवं महिला श्रविका भजन गाती हुई चलीं। भगवान महावीर के जयकारों और णमोकार मंत्र के उच्चारण से पूरा क्षेत्र जिनमय हो गया। वरघोड़ा की व्यवस्थाएं देख रहे मुकेश भाई लाला अपने सहयोगियों को निर्देश देते रहे। इधर वरघोड़ा में अलवर, जयपुर, भरतपुर, करौली, हिण्डौन, महवा, खेड़लीगंज, बयाना, वैर, गंगापुर, सिरोही, कठूमर, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से काफी संख्या में जैन श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए। बाद में अयोध्या नगरी पहुंचने पर वरघोड़ा सभा में परिवर्तित हो गया। जहां प्रतिष्ठा एवं अन्य कार्यक्रमों का लाभ लेने के लिए विभिन्न बोलियां लगाई गई। इस दौरान आचार्य ने दीक्षा कल्याणक के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन एवं महेश जैन ने किया। इस दौरान कल्पेश भाई वी. शाह, कपिल भाई वी. शाह, लक्ष्मी चंद गढ़ा, अरविन्द जैन सहित कई भामाशाह मौजूद रहे।