अमेरिका ने युद्ध का नुकसान छिपाया? अराघची ने उठाए सवाल
तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर युद्ध में हुए सैन्य नुकसान की वास्तविक तस्वीर छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से सामने आए आंकड़ों के मुकाबले असल नुकसान कहीं अधिक हो सकता है। अराघची ने यह दावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए किया।
अराघची ने अपनी पोस्ट में अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च इकाई कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के खिलाफ 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिकी सैन्य अभियान में 81 फिक्स्ड-विंग और रोटरी-विंग एयरक्राफ्ट नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसमें बिना क्रू वाले एयरक्राफ्ट सिस्टम भी शामिल हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि मई में कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के स्तर पर अमेरिकी सैन्य विमानों के नुकसान का आंकड़ा 42 बताया गया था, जो बाद में बढ़कर 81 हो गया। उनके मुताबिक, यह आंकड़ा भी वास्तविक नुकसान की पूरी तस्वीर नहीं बताता।
अराघची ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अमेरिकी सैन्य ठिकानों को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है, तो मौजूदा अमेरिकी सांसदों को उन ठिकानों का निरीक्षण करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही। इसी संदर्भ में उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि किसी को कुछ समय के लिए गुमराह किया जा सकता है, लेकिन हमेशा नहीं।
अराघची का यह बयान डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी के उस सार्वजनिक दावे के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेंटागन और सेंटकॉम ने उन्हें कतर स्थित अल उदीद एयर बेस का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं दी।
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की जिस रिपोर्ट को अराघची ने साझा किया, उसका शीर्षक “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिकी एयरक्राफ्ट का कॉम्बैट लॉस: कांग्रेस करे विचार” बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एयरक्राफ्ट के नुकसान का आंकड़ा समाचार रिपोर्टों, अमेरिकी रक्षा विभाग और सेंटकॉम के बयानों तथा रक्षा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल की जांच से जुटाई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
रिपोर्ट ने साथ ही यह स्पष्ट किया है कि आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है। ऐसे में अराघची द्वारा बताए गए दावे और रिपोर्ट में दर्ज नुकसान के आंकड़े अलग-अलग संदर्भों में देखे जाने चाहिए। ईरानी पक्ष जहां इसे वास्तविक नुकसान छिपाने का संकेत बता रहा है, वहीं उपलब्ध रिपोर्ट इसे अलग-अलग स्रोतों से जुटाए गए सैन्य नुकसान के आंकड़े के रूप में प्रस्तुत करती है।