डीडवाना : गणेश मंदिर के सामने अस्थाई रूप से हुआ अतिक्रमण हटाने की मांग
- जिला कलेक्टर से लगाई गुहार सोपा ज्ञापन
डीडवाना। जिले के नावां शहर में गणेश मंदिर के सामने स्थित अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर एक प्रार्थना पत्र जिला कलेक्टर के सामने प्रस्तुत किया है।भेरू दत्त मिश्रा पुजारी गणेश मंदिर के द्वारा यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। प्रार्थना पत्र में मांग करते हुए बताया कि मौखिक आदेश एसडीम नावा का प्राप्त हुआ कि ताश पत्ती जुबे सट्टे खेलने वालों के फोटो पेश करें,जिस पर 5 अगस्त से 8 अगस्त के फोटो लगभग 8 मौका रिपोर्ट पेश किया।आज फिर से एसडीम ने आदेश दिया कि जुएं सट्टे खेलने वालों को 11 अगस्त से 15 अगस्त तक के सभी फोटो भी पेश करें।उच्च अधिकारियों की अवधि बढ़ती ही जा रही है, बेवजह पूरा कर रहे हैं।एवं खानापूर्ति कर रहे हैं।जिसमे समस्या का निराकरण का कोई हल नहीं हो रहा है, मात्र समय अवधि डालकर परेशान किया जा रहा है।नगर पालिका नावां के अधिशासी अधिकारी भी कोई संतोषप्रद जवाब न देकर समस्या हल करने के बजाय टालम टोल कर समस्या निराकरण नहीं कर रहे हैं।नगर पालिका कार्यालय से उक्त थडियों की लगाने की इजाजत एवं कब लगी है, पूछा गया जिसका संतोषप्रद जवाब नहीं मिला है।उपखंड अधिकारी नावां द्वारा नोटिस द्वारा दिए गए।बिंदुओं थड़ी लगाने के नियम थड़ी धारक बाजारी की शर्तों की पालना खोखे थड़ी की शर्ते नियम थड़ी धारक के इजाजत की प्रति आदि बिंदुओं का जवाब न तो कार्यालय द्वारा उच्च अधिकारियों को दिया गया है। नाही प्रार्थी को संतुष्ट भरा जाबाब दिया है। नगर पालिका मंडल द्वारा 11 अगस्त की रसीद में ना तो धड़ी धारक का नाम है। ना ही पैसे लेने वाले के हस्ताक्षर है।राजस्थान संपर्क कार्यालय कलेक्टर डीडवाना कुचामन को 18 जुलाई को स्वयं उपस्थित होकर सीधी वार्ता विडियो कॉन्फ्रेक्स से एसडीएम नावा को कहा था कि प्राथी को संतुष्ट कर जवाब दे।उक्त थडिया वैध है तो लिखकर दे। अवैध है तो 24 घंटे में अतिक्रमण हटाकर संतुष्ट कर कार्यालय को सूचित करें।लेकिन जिसकी आज तक नगरपालिका मण्डल द्वारा पालना नहीं हुई है। एसडीम नावा एवं अधिशासी अधिकारी ने 12 अगस्त को करीब एक माह बीत जाने पर भी किसी भी प्रकार की कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई।अधिकारियों की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। प्रशासन नावा से कोई न्याय की उम्मीद नहीं दिख रही है। समय व्यर्थ में नष्ट किया जा रहा है।बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाकर परेशान कर रहे हैं।क्योंकि प्रार्थी स्वयं 70 साल से भी अधिक उम्र का है।प्रशासन द्वारा समय अवधि डालकर बार बार गुमराह किया जा रहा है।उक्त प्रकरण के संबंध में तीन बार नगर पालिका से नोटिस भी जारी हुए, लेकिन थड़ी संचालकों से मिली भगत के कारण कोई भी उचित कार्रवाई नगर पालिका मंडल द्वारा नहीं की गई। उक्त थड़ी केबिन जो अवैध रूप से बिना इजाजत के मंदिर के सामने रखी हुई है, तुरंत प्रभाव से उन अस्थाई केबिनों, थडियों, जहां अवैध गतिविधियां जैसे जुए सट्टे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे पुजारी परिवार आम जनता एवं भक्तगण काफी भयभीत परेशान है।दो केबीनो थड़ियों को हटाने का आदेश पारित करें।नगर पालिका नावा को इसके लिए पाबंद करें।