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जिला स्तरीय झील संरक्षण एवं विकास समिति की बैठक हुई सम्पन्न

जिला स्तरीय झील संरक्षण एवं विकास समिति की बैठक हुई सम्पन्न

  • जिले के प्रमुख तालाबों के संरक्षण व विकास को लेकर दिए आवश्यक निर्देश

झालावाड़। माननीय उच्च न्यायालय राजस्थान जोधपुर के आदेशानुसार राजस्थान झील (संरक्षण व विकास) प्राधिकरण अधिनियम 2015 की धारा 2 (ग) में परिभाषित झीलों के एक्ट की धारा 4 व 5 के अन्तर्गत संरक्षित घोषित करवाने के संबंध में मंगलवार को जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय जोधपुर के निर्देश पर जिले में झील संरक्षण एवं विकास कार्य के लिए जिला स्तरीय झील संरक्षण एवं विकास समिति का गठन किया गया है। उन्हांेने बताया कि उक्त कार्य के अन्तर्गत चंवली बांध, भीमसागर बांध एवं छापी बांध को चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त कार्य का मुख्य उद्देश्य जिले की झीलों व तालाबों का सरंक्षण व विकास है जिसके अन्तर्गत उनकी साफ-सफाई करना, उनके 30 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार निर्माण न होने देना आदि कार्य शामिल हैं।
इस संबंध में जिला कलक्टर ने उक्त तीनों बांधों सहित झालावाड़ व झालरापाटन के प्रमुख चार तालाबों यथा खण्डिया तालाब, गांवड़ी तालाब, गोमती सागर तालाब तथा मुंडलियाखेड़ी तालाब के संरक्षण व विकास हेतु प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भिजवाने के निर्देश नगर परिषद् झालावाड़ के अधिशाषी अभियन्ता मनीष कुमार को दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव बनाने में जल संसाधन विभाग तथा राजस्व विभाग का पूर्ण सहयोग लिया जाए तथा आवश्यक सभी जानकारियों का संकलन किया जाए।
इस दौरान जिला कलक्टर ने उपखण्ड अधिकारी झालावाड़ संतोष कुमार मीणा को निर्देश देते हुए कहा कि झालावाड़ व झालरापाटन स्थित उक्त तालाबों के पेटे की जमीन का सर्वे एवं नाप करवाएं। इसके पश्चात् यदि तालाब के पेटे की जमीन पर अतिक्रमण होना पाया जाता है तो संबंधित लोगों से कैम्प लगाकर समझाइश की जाए तथा पालना नहीं करने पर अतिक्रमण हटाने हेतु नोटिस जारी किए जाएं। इसके पश्चात् भी अगर अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो अतिक्रमण दस्ता व पुलिस जाप्ते के माध्यम से अतिक्रमण हटवाने की कार्यवाही अमल में लाई जाए।
बैठक में उद्यानिकी एवं वानिकी विभाग के पूर्व डीन मधुसुदन आचार्य द्वारा पीपीटी के माध्यम से झीलों, तालाबों व नदियों विशेषकर चन्द्रभागा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने तथा उनके संरक्षण व विकास के संबंध में कार्ययोजना तैयार करने एवं उसके क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
बैठक में उप वन संरक्षक सागर पंवार, अतिरिक्त जिला कलक्टर सत्यनारायण आमेटा, जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भुदयाल मीणा, तहसीलदार झालरापाटन नरेन्द्र मीणा, जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।

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