विश्व जल दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
धौलपुर । विश्व जल दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जलग्रहण विकास एवं भू-सरंक्षण विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुऐ मुकेश मीणा अतिरिक्त निदेशक पब्लिक सर्विसेज ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता हैं। पृथ्वी के 71 प्रतिशत हिस्से पर पानी है लेकिन इस में से केवल 3 प्रतिशत पानी ही पीने लायक है। विश्वभर में आज भी लोग पीने के पानी के लिऐ तरसते है। जिस तरह से पीने लायक पानी पृथ्वी से कम होता जा रहा है, आने वाली पिढी के लिऐ साफ व मीठा पानी बचाना मुश्किल होता जा रहा है। वर्षा के दिनों में जितना पानी हमें मिलता है उससे कही दुगना दोहन कर देते है। आज आवश्यकता है आमजन को जल का महत्व वताने और जल संरक्षण करने के लिए जागरूक किया जावे। जलग्रहण विकास एवं भू-सरंक्षण विभाग के तहत् राजीव गांधी जल संचय योजना एवं प्रधानमंत्राी कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 6 पंचायत समितियों के 36 ग्राम पंचायत में 117 गांव में जल संरक्षण के कार्य कराये जा रहे है। जिसमे से एनीकट, एमपीटी, तालाव, पोखर, पक्का चैकडेम, नाला उपचार, परकोलेशन टैंक,जीर्णेद्वार एवं पुनरूद्वार आदि के कार्य कराये जा रहे है, जो कि वन विभाग, ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, जलग्रहण, कृषि, उद्यान, पीएचईडी, जल संसाधन विभाग के द्वारा किये जा रहे है। मंजरी फाउन्डेशन के सुबोध गुप्ता द्वारा अवगत कराया गया कि हम अपने घरों में भी कैसे पानी कि एक-एक बंूद को बचा सकते है चाहे वह रसोईघर में काम करने का तरीका हो या नहाने का तरीका हो। नल की टोंटी से एक-एक बूद पानी भी टपकता है तो दिनभर में करीव 10-15 लीटर पानी व्यर्थ चला जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा जल संरक्षण के उपायों के वारे में अपने अपने विचार व्यक्त किये गये। अधीक्षण अभियन्ता योगेश कुमार त्रिवेदी, जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग जिला परिषद के द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। कार्यक्रम में सहायक वन संरक्षक, उप निदेशक कृषि विस्तार, जलग्रहण विकास, तकनीकी सहायक पीएचईडी एवं प्रगतिशील कृषकों के द्वारा भाग लिया गया । इस अवसर पर विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण एवं जल के सदुपयोग हेतु शपथ दिलाई गई।