DMK का कांग्रेस पर बड़ा हमला, गठबंधन की वापसी के दरवाजे बंद!
नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। डीएमके के वरिष्ठ नेता आरएस भारती ने कांग्रेस के साथ किसी भी संभावित राजनीतिक समझौते की अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी का भविष्य में कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।
रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान भारती ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डीएमके अब ऐसे किसी राजनीतिक समीकरण का हिस्सा नहीं है, जिसमें कांग्रेस शामिल हो। उनका दावा था कि पार्टी के कार्यकर्ता भी कांग्रेस के साथ दोबारा संबंध बनाने के पक्ष में नहीं हैं।
कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारती ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले अपने राजनीतिक प्रदर्शन का आकलन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक अलगाव आपसी सहमति से होते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जिनके बाद रिश्तों की वापसी संभव नहीं रहती।
डीएमके नेता ने यह भी कहा कि पार्टी अपनी मूल विचारधारा पर कायम है और भविष्य में भारतीय जनता पार्टी के साथ भी किसी प्रकार के गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी अपने राजनीतिक रुख में बदलाव की इच्छुक नहीं है।
इस दौरान भारती ने विपक्षी दलों को स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष अपनी लोकप्रियता को लेकर आश्वस्त है तो चुनाव जल्द कराए जाएं और वे कम से कम मेयर पद की एक सीट जीतकर दिखाएं। उनके अनुसार स्थानीय चुनावों में मतदाता उम्मीदवार की क्षमता और कामकाज को प्राथमिकता देते हैं।
भारती ने कहा कि यदि जनवरी में स्थानीय निकाय चुनाव आयोजित किए जाते हैं, तो परिणाम विपक्ष की वास्तविक राजनीतिक स्थिति को स्पष्ट कर देंगे। उन्होंने दावा किया कि डीएमके की जमीनी पकड़ मजबूत है और विपक्षी दलों के दावे चुनावी मैदान में टिक नहीं पाएंगे।
उनके इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन और चुनावी रणनीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति में गठबंधन समीकरणों को लेकर और भी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।