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मौसम बदलते ही निकल आते हैं मुंहासे? अपनाएं ये आसान उपाय

मौसम बदलते ही निकल आते हैं मुंहासे? अपनाएं ये आसान उपाय

नई दिल्ली। सर्दी का मौसम केवल ठिठुरन ही नहीं, बल्कि त्वचा से जुड़ी कई चुनौतियां भी लेकर आता है, खासकर तैलीय त्वचा वालों के लिए यह समय और भी मुश्किल हो जाता है। इस दौरान रूखापन, बंद रोमछिद्र और त्वचा में बढ़ता तेल मुंहासों की समस्या को और गंभीर बना देते हैं। लेकिन क्या कभी आपने जानने की कोशिश की है कि इस मौसम मुंहासे क्यों बढ़ जाते हैं?


क्यों बढ़ते हैं मुंहासे
इसका मुख्य कारण हैं ठंडी और शुष्क हवाएं, जो त्वचा की प्राकृतिक नमी को धीरे-धीरे छीन लेती हैं। जब त्वचा रूखी होने लगती है तो उसे संतुलित रखने के लिए तेल ग्रंथियां ज्यादा तेल बनाने लगती हैं। इससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और पिंपल्स उभरने लगते हैं। वहीं इस मौसम बार-बार चेहरा धोना या जरूरत से ज्यादा स्क्रब करना त्वचा को और नुकसान पहुंचाता है। साथ ही धूप से दूरी बनाए रखना और चेहरे की सही सफाई न होना भी मुंहासों को बढ़ावा देता है।


मॉइश्चराइजर जरूरी
सर्दियों में त्वचा की नमी बनाए रखना सबसे अहम होता है, क्योंकि जब त्वचा रूखी होती है तो पोर्स असंतुलित होकर ज्यादा ऑयल बनाने लगते हैं, जिससे पिंपल्स की समस्या और बढ़ जाती है, इसलिए त्वचा को मॉइश्चराइज रखें। ध्यान रखें कि मॉइश्चराइजर बहुत भारी या ज्यादा ऑयली न हो, ताकि पोर्स बंद न हों। हल्का जेल बेस मॉइश्चराइजर या हायलूरोनिक एसिड युक्त लोशन बेहतर रहेगा। ऑयली स्किन वालों को नॉन कॉमेडोजेनिक क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि त्वचा की नमी बनी रहे।


सही स्किनकेयर
सर्दियों में चेहरे को हमेशा हल्के क्लींजर से धोएं और बहुत गरम पानी के इस्तेमाल से बचें, क्योंकि इससे त्वचा और ज्यादा रूखी हो जाती है। दिन में कम से कम दो बार चेहरा साफ करना पर्याप्त है। इससे ज्यादा बार फेसवॉश करने पर त्वचा अपनी प्राकृतिक नमी खो सकती है। वहीं रात को सोने से पहले मेकअप जरूर हटाएं, ताकि त्वचा को रिपेयर होने का समय मिल सके। अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाए तो विशेषज्ञ से सलाह लें।


खान-पान अहम
सर्दियों में सही खान-पान त्वचा को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। ठंड के मौसम में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर और त्वचा को नमी की जरूरत बनी रहती है। इसलिए दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पीएं। ज्यादा तला-भुना और मीठा खाने से शरीर में तेल और शुगर का स्तर बढ़ जाता है, जिससे पिंपल्स उभरने लगते हैं। विटामिन सी, ओमेगा 3 और प्रोटीन युक्त आहार, जैसे फल, हरी सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स त्वचा को भीतर से पोषण देते हैं।


ज्यादा स्क्रब नहीं
त्वचा रोग विशेषज्ञ, डॉ. अमित कुमार मीणा का कहना है कि सर्दियों में ठंडी और शुष्क हवाएं त्वचा की नमी कम कर देती हैं, जिससे मुंहासों की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में स्किनकेयर रूटीन में सही बदलाव बेहद जरूरी है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए हल्के क्लींजर से दिन में दो बार चेहरा साफ करें और नॉन कॉमेडोजेनिक एवं हल्का मॉइश्चराइजर चुनें, ताकि पोर्स बंद न हों। बहुत गरम पानी का इस्तेमाल न करें और हफ्ते में एक बार से ज्यादा स्क्रब न करें, क्योंकि इससे त्वचा में जलन हो सकती है। याद रखें, सर्दियों में भी सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीएं और ज्यादा तला-भुना तथा मीठा खाने से बचें। सबसे जरूरी, विटामिन सी, ओमेगा 3 और प्रोटीन युक्त आहार त्वचा को भीतर से पोषण देते हैं और मुंहासों को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।

 

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