नवलगढ के चिकित्सकों ने आर.टी.एच के विरूद्ध केंडल मार्च निकाला
नवलगढ . नवलगढ के निजी चिकित्सालय के चिकित्सकों व सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों द्वारा कल सांय आर.टी.एच के विरूद्ध केंडल मार्च निकालकर आक्रोष प्रकट किया। मार्च ष्षहीद विजयपाल स्मारक में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर प्रारंभ किया जो पोदार सर्किल होते हुये वापिस भगतसिंह पार्क में विसर्जित हुआ। इस अवसर पर डाॅ अर्चना की पहली पुण्यतिथि पर उनकी फोटो पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि दी गई। कार्यक्रम मे वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ दयाषकर जांगिड डाॅ गणेष गुप्ता, डाॅ मनीष जांगिड, डाॅ प्रदीप सिंगोदिया, डाॅ राजेष सैनी, डाॅ हरिओम शर्मा, डाॅ मीनाक्षी जांगिड, डाॅ विवेक, डाॅ अषोक चतुर्वेदी, डाॅ कैलाष सैनी, डाॅ जितेन्द्र चैधरी, डाॅ अमित सैनी आदि चिकित्सक तथा अस्पताल के स्वास्थय कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डाॅ अर्चना तेरा यह बलिदान याद करेगा हिंदुस्तान, एक दो तीन चार नहीं सहेंगे अत्याचार, आर.टी.एच वापिस लो, सोनिया गांधी के दो दलाल अषोक गहलोत मुरारीलाल मुर्दाबाद के नारे लगाये गये। कार्यक्रम के समापन पर डाॅ दयाषकर जांगिड ने अपने उदबोधन मे कहा कि राजस्थान सरकार की तानाषाही है पूरे हिंदुस्तान मे कही भी यह कानून नहीं है रोगियो व चिकित्सा का काम आराम से चल रहा था। अषोक गहलोत जी ने अपनी वाह वाही लूटने व वोट बटोरने के लिये यह अवैंधानिक अव्यवहारिक कानून बनाया है डाॅ मीनाक्षी अपने जोषीले भाषण में कहा कि भगतसिंह जी जैसे देषभक्तों की प्रेरणा लेकर हम सब इस सरकार को यह कानून वापिस लेने के लिये मजबूर कर देंगे। इस कानून मे बहुत सारी विसंगतियां है यह रोगियों को चिकित्सकों से लड़वाते रहेंगे। भ्रष्टाचार बढ़ेगा। इमरजेंसी की कोई स्पष्ट व्याख्या नहीं है अनपढ लोगो व नेताओ द्वारा चिकित्सको के गले पर तलवार लटकती रहेगीं। डाॅ हरिओम ने अपने उदबोधन मे कहा कि निजी चिकित्सक अपने बल बूते पर बैंको से लोन लेकर अपने घर के खर्चे से अस्पताल बनाकर आधुनिक संसाधन जुटा रहे है यह हमारा निजी व्यवसाय है इस पर सरकार का कोई भी अधिकार नहीं है राजस्थान के चिकित्सक सेवाभावी है कोरोना काल मे भी प्राइवेट अस्पतालों व चिकित्सको ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा की वो सबको ज्ञात है गहलोत साब ने इन प्राइवेट 70 प्रतिषत अस्पतालों की वजह से नाम कमाया और उन्ही पर वे डंडे बरसा रहे है अत्याचार कर रहे है डरा रहे है फूट डाल रहे है। यह असहनीय है भविष्य में सरकार को इसका खामियाजा भूगतना होगा। कल नवलगढ के प्राइवेट चिकित्सकालय सब बंद रहे। सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने छुटटी ले ली और प्राइवेट प्रेक्टिस भी नहीं की। सरकार ने 4 चिकित्सकों को सरकारी अस्पताल मे लगाया जहां पर हमेषा से चैथाई रोगी भी नहीं देख पाए। आज भी नवलगढ के प्राइवेट चिकित्सकालय सारे बंद है सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रेक्टिस भी नहीं कर रहे है। चिकित्सक सब एक है जब तक आर.टी.एच कानून बंद नही हो जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।