घरेलू निवेशकों को विपरीत हालात में भी ग्रोथ की उम्मीद
शेयरों के मामले में भारतीय निवेशकों की दिलचस्पी बदल रही है। अब इन्होंने फाइनेंशियल, इंडस्ट्रियल और प्रॉपर्टी शेयरों में निवेश बढ़ाया है। दूसरी तरफ आईटी, फार्मा और एनर्जी शेयरों में निवेश घटा रहे हैं। अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 तक स्थिति लगभग इसके उलट थी। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निवेशकों का मॉडल पोर्टफोलियो घरेलू कंपनियों के पक्ष में है।
इनका मानना है कि बढ़ते निजी पूंजीगत खर्च और हाउसिंग साइकिल से विपरीत हालात में भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलना जारी रहेगा। इस भरोसे के चलते घरेलू निवेशक शेयर बाजार में पैसा लगा रहे हैं। ऐसे में ब्राजील, रूस और चीन जैसे अन्य उभरते बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार का कमजोर प्रदर्शन जल्द पलट सकता है।
महंगाई के चलते लोग अभी वही चीजें खरीद रहे हैं, जो बेहद जरूरी हैं। गैर-जरूरी वस्तुओं की खरीदारी टाली जा रही है। एविएशन सेक्टर की कंपनियों को मुनाफे में आने में वक्त लगेगा।
2021 से बदला भारतीय बाजार का रुख, प्रीमियम 101% तक
बीते 10 साल भारतीय बाजार ने अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले 61% वैल्युएशन पर ट्रेड किया। लेकिन 2021 से भारतीय बाजारों ने अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले शानदार प्रदर्शन किया। इसकी बदौलत अक्टूबर 2022 में ये 101% प्रीमियम पर पहुंच गया। तब से इसमें गिरावट आई, लेकिन अब ये दोबारा बढ़ने लगा है।
मजबूत स्थिति इसलिए...
सेंसेक्स शुक्रवार को एक बार फिर 60 हजार के करीब पहुंच गया। बावजूद इसके कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की होल्डिंग रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब है। मतलब ये कि तेजी घरेलू निवेशकों की बदौलत है। जेफरीज के रिलेटिव परफॉर्मेंस ट्रैकर भी आगामी महीनों में प्रतिस्पर्धी बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन का संकेत दे रहा है।