दहेज मे मिली नगद राशि और मोटरसाईकिल वाहन पुन: लौटाई
डीडवाना. शादी विवाह मे अनावश्यक रूप से फिजूलखर्ची एवं दहेजरूपी प्रथा को समाप्त करने के लिए आये दिन कुछ समाजसेवक आगे आ रहे है और दहेज नही लेने और नही देने की परम्परा को शुरू कर सामाजिक सरोकार के तहत इस दहेजरूपी बीमारी को बंद करने की परम्परा को दिन प्रतिदिन बढ़ा रहे है।डीडवाना क्षेत्र के बिठुड़ा गांव के रवि जांगिड़ पुत्र जगदीश जांगिड़ हाल निवासी संतोषी नगर डीडवाना ने मंगलवार को अपनी शादी में दहेज के रूप मे दुल्हन वंदना के पिता नेमीचंद जांगिड़ डेगाना निवासी से 1 रूपयें भी दहेज नही लिया। दुल्हन के पिता ने 2 लाख 61 हजार रूपयें की नगद राशि व मोटर साईकिल वाहन जब दहेज के रूप मे देने लगे तो दुल्हे के पिता जगदीश जांगिड़ ने मानवता दिखाते हुए वाहन व नगद राशि पुन: लोटाकर शगुन के रूप मे नारियल व 1 रूपया लेकर नवीन परम्परा को अपने समाज मे अपने पुत्र के विवाह से शुरू किया है। रवि कार्यरूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और स्वंय का हार्डवेयर एवं प्लाईवुड का व्यापार करते हैं। रवि ने कहा कि मुझे इसकी पहले जानकारी होती तो मैं पहले ही मना कर देता परन्तु विवाह के दौरान अचानक मेरे सामने नगद राशि वाहन आया तो मैने परिजनों की सहमति लेकर ससुराल पक्ष वालो को हाथ जोडक़र दहेज रूपी मोटर साईकिल व नगद राशि पुन: लौटा दी। हालांकि उन्होने आर्शीवाद स्वरूप देने की बात कही थी परन्तु मैने इसे स्वीकार नही किया।