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डॉ.आर. एल. चौधरी की 15वीं पुण्यतिथि पर 16 प्रतिभाओ का किया सम्मान

डॉ.आर. एल. चौधरी की 15वीं पुण्यतिथि पर 16 प्रतिभाओ का किया सम्मान

 
रतनगढ़ ।  पं.दीनदयाल उपाध्याय टाऊन हाल मे ‌आर. एल. चौधरी की 15वीं पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह 16 प्रतिभाओ का सम्मान समारोह संत सानिध्य उदासर आश्रम के मंहत दयानाथ महाराज व डाॅ. प्रमेन्द्र सिरोही की अध्यक्षता में डा.आर. एल. दम्पति के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति मनोज कुमार गर्ग, विशिष्ट अतिथि एडिशनल कमिश्नर बिक्रीकर विभाग के पी.आर. जाखङ व मुख्य वक्ता के रूप में लोहिया कालेज के प्रोफेसर कमल सिंह कोठारी का समिति के सदस्यों द्वारा माल्यार्पण कर, शाल ओढ़ाकर, श्रीफल भेंट कर व स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर उदासर आश्रम के मंहत दयानाथ महाराज ने कहा कि वर्तमान में युवा में नशा प्रवृति बढ़ रही है, इस रोकना होगा। डॉ आर एल चौधरी दम्पति से प्रेरणा लेकर सेवा कार्य में युवा वर्ग को बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता कमल सिंह कोठारी ने कहा कि डॉ.आर. एल. चौधरी दम्पति सेवाभाव की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने सदैव चिकित्सा व शिक्षा के लिए हर जरूरतमंद का आगे बढ़कर सहयोग किया है। उन्होंने डॉ आर एल चौधरी से जुड़े कई संस्मरण सुनाए। विशिष्ट अतिथि एडिशनल कमिश्नर बिक्रीकर विभाग के पी.आर. जाखङ ने कहा कि उनका सेवा का जज्बा देखने लाईक था व उनके सेवा कार्य में उनकी पत्नी राधा देवी ने भी कंधा से कंधा मिलाकर सहयोग किया था। समारोह के अध्यक्ष डाॅ. प्रमेन्द्र सिरोही ने कहा कि उनका सेवा करने का तरीका अलग ही था। वो बिना किसी स्वार्थ के सेवा के कार्य करते थे, जिससे सामने वाले को पता भी नहीं चलता था। उनके पास आने वाले हर एक व्यक्ति की सेवा अथवा उनका कार्य अपने परिवार का सदस्य मानकर आत्मीयता के साथ करते थे, जो कभी भुलाया नहीं जा सकता। एडवोकेट बजरंग गुर्जर ने डां आर एल चौधरी सेवा संस्थान की गतिविधियों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी से उपस्थितजनो को अवगत कराया। आयोजित कार्यक्रम में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तरीय परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली प्रतिभाओ के साथ 12वीं कला, विज्ञान एवं वाणिज्य वर्ग में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियो को सम्मानित करने के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय स्तरीय पर खेल जगत की दो प्रतिभाएँ को भी मंचस्त अतिथियों द्वारा माल्यार्पण कर, मैडल व स्मृति चिन्ह भेंट कर पुरस्कृत किया गया। संस्थान के वरिष्ठ सदस्य एस. आर. कटेवा ने सभी मंचस्त अतिथियों व उपस्थित गणमान्यजनो का धन्यवाद देते हुए आभर व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंचीय संचालन राजेन्द्र सिंह बीदावत ने किया। कार्यक्रम के पश्चात स्व. डॉ आर एल चौधरी दम्पति को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर रमेश चन्द्र इन्दोरिया, ओमप्रकाश मंगलहारा,  इन्द्रराज खींचड, अनवर कुरेशी, शशिकुमार गौङ , निरंजन देव रूँथला, पुनीत गुर्जर, भंवरलाल बिजारणिया, शिवलाल सिंह ढेवा, किशनलाल भादू, रविप्रकाश बोगङ, दुर्गाराम भारी , राधेश्याम चौहान, हरिशंकर मंगलहारा, आशुतोष गुर्जर, दामोदर मंगलहारा, गजानन्द चोटिया, सांवरमल जोशी, नन्द किशोर माटोलिया, जयकांत बिवाल, सुरेश मुरारका, परमेश्वर लाल भादू, देवेन्द्र कुमार चोटिया
रामावतार पारीक, महावीर प्रसाद सिहाग, कमलकान्त शर्मा,  रोहिताश सिंह राठौड़, सुशील कुमार इन्दौरिया, विनय कुमार बणसिया, बनवारी सिंह गुर्जर,
रियाज अली, मुकुन्दाराम नेहरा,  सुरेश कुमार सिंधी इजी., भंवरलाल बिजारणिया, पंकज इन्दोरिया, लीलाधर जोशी, किशन लाल भादू , पन्नालाल भादू, महेन्द्र सिंह ढूंकिया, राजेन्द्र बबेरवाल, जुगल किशोर प्रजापत, दामोदर मंगलहारा, लोकेन्द्र पाल सिंह, राजेश गहलोत सहित कई गणमान्यजन उपस्थित थे।

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