सामाजिक संस्था अपना घर में बयाना बालों की सेवा सबसे अग्रणी
बयाना। अपनाघर से जुड़े रहे समाजसेवी डॉ0 कुमार शास्त्री ने हुक्मनामा संवाददाता को बताया कि 19 वर्ष पहिले जब अपनाघर शाखा बयाना शुरू हुई तब किसी ने यह कल्पना नही की कि अपनाघर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट समाजसेवा का परचम फहराएगा। बयाना बासियों ने अपना घर को तन मन धन से सेवा प्रदान करने में कोई कोताही नही बरती।बयाना इकाई के प्रथम अध्यक्ष रेलवे से रिटायर्ड स्वर्गीय राधेश्याम गुप्ता रहे।उनकी अगुवाई में संस्था ने जमकर यथासम्भव अपनाघर को सहयोग किया।पहिले दायित्व ग्रहण समारोह में अपनाघर के आवासियों को उस वक्त 71 क्विंटल गेंहू पहुंचाया। उसके बाद एक-एक लाख रूपये की एफ डी रिटायर्ड राधेश्याम वीडियो,कोल्ड स्टोरेज मालिक स्व0 रामजीलाल धाकड़ ने अपनाघर की सेवार्थ इस आशय से कराई कि इस जमा धन से उनकी मृत्यु के बाद उसके ब्याज से सेवा होती रहे।उन्होंने बताया कि उस समय आवासीय जनो के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए अपनाघर की अपनी चाय घर-घर जाकर बिक्रय कराने में गिरिजा चिल्ड्रन एकेडमी की संस्थापिका रेनू मिश्रा का सहयोग स्तुतुल्य रहा।चाय बिक्रय से जो राशि प्राप्त हुई वह अपनाघर को सुपुर्द की।इस बीच बयाना के भामाशाहों ने अपना घर में रहरहे आवासियों की सुविधा के लिए कई आवास बनवाये। संस्थापक बी एम् भारद्वाज, डॉ0 माधुरी भारद्वाज, कुसुम अग्रवाल,वीरपाल सिंह के सानिध्य में बयाना के अग्रवाल मैरिज होम में कार्यशालाओं के माध्यम से गति प्रदान की गई।अनेको बार बझेरा जाकर बयाना के सेवा भावी जनों ने आवासीय प्रभुजनों के बीच होली,दिवाली जैसे पर्वो को मनाया।डॉ0 वेद प्रकाश आर्य,पँ0 राधेश्याम शर्मा,रामजीलाल धाकड़,रामभरोसी लाल गुप्ता जैसे सेवा भावी जन भले ही हमारे बीच भले ही न रहे हों उनकी अपनाघर को दी गई सेवा सदा स्मरण की जायेगी।अपनाघर की तीर्थ यात्रा के माध्यम से अधिकाधिक लोगो को अपनाघर से जोड़ने का कार्य भी बखूबी किया गया।मातृसंस्था द्वारा जो भी आयोजन हुए उनमें बयाना के लोगों की बढ़ चढ़कर के भागीदारी का निर्बहन किया गया।