फिलीपींस में भूकंप का कहर, 37 मौतें; 20 हजार लोग बेघर
New Dehli : दक्षिणी फिलीपींस में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। सारंगनी प्रांत और आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए गए 7.8 तीव्रता के झटकों के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर 37 पहुंच गई है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
भूकंप के कारण हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक करीब 20 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं तथा जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में साउथ कोटाबाटो और जनरल सैंटोस शहर शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार कई मौतें इमारतों के ढहने, मलबे में दबने और भूस्खलन की घटनाओं के कारण हुई हैं। कुछ लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
भूकंप का असर शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा है। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के तुरंत बाद आए इस झटके ने कई स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचाया। कुछ जगहों पर छात्रों और शिक्षकों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कई स्कूलों में एहतियात के तौर पर कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई इमारतों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक ढांचों को नुकसान पहुंचता दिखाई दिया। कई स्थानों पर खिड़कियां टूट गईं, साइनबोर्ड गिर गए और भवनों में दरारें आ गईं। भूकंप के दौरान लोग घबराकर सड़कों और खुले मैदानों की ओर भागते नजर आए।
हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। जनरल सैंटोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के लिए कुछ समय के लिए संचालन रोक दिया गया। कई घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि हवाई अड्डे पर सीमित संचालन के तहत केवल आवश्यक और राहत संबंधी उड़ानों को अनुमति दी गई।
भूकंप के बाद जापान समेत कई देशों ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी, हालांकि बाद में खतरा कम होने पर इसे वापस ले लिया गया। इसके बावजूद प्रशासन ने तटीय इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
फिलीपींस भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जहां समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप आते रहते हैं। इस ताजा आपदा के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज कर दिया गया है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन जारी है।