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ईसीआई ने चार राज्यों के लगभग 350 बीएलओ को दिया प्रशिक्षण

ईसीआई ने चार राज्यों के लगभग 350 बीएलओ को दिया प्रशिक्षण

बूंदी। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), बीएलओ पर्यवेक्षकों और निर्वाचक नामांकन अधिकारियों के लिए एक गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। नई दिल्ली स्थित भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीइएम) में सोमवार को सातवें बैच का प्रशिक्षण प्रारम्भ हुआ। कुल 353 क्षेत्रीय चुनाव अधिकारियों (उत्तर प्रदेश से 101, उत्तराखंड से 82, राजस्थान से 83 और हिमाचल प्रदेश से 84) ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय चुनाव अधिकारियों को "जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950", "मतदाता पंजीकरण नियम 1960", "चुनाव संचालन नियम 1961" और ईसीआई द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप चुनावों के संचालन के लिए तैयार करना है। पिछले दो महीनों में ईसीआई द्वारा नई दिल्ली में 3,350 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जो चुनावी प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अपने उद्घाटन भाषण में, सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि प्रतिभागी इस प्रशिक्षण के माध्यम से अंतिम निर्वाचक नामावलियों के प्रकाशन के बाद की प्रथम और द्वितीय अपील की प्रक्रियाओं से भी अवगत होंगे। जो क्रमशः जिला मजिस्ट्रेट/जिला कलेक्टर/कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष (धारा 24(क), आरपी अधिनियम 1950) और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष (धारा 24(ख)) दायर की जाती है। सीईसी ने बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों को इन प्रावधानों के बारे में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद 6 से 10 जनवरी 2025 तक किसी भी प्रकार की अपील दर्ज नहीं की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रतिभागियों की व्यावहारिक समझ को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें मतदाता पंजीकरण, फॉर्मों का संचालन और चुनावी प्रक्रियाओं के क्षेत्रीय क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को आईटी उपकरणों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ ईवीएम और वीवीपैट की तकनीकी जानकारी और मॉक पोल का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

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