समाज की प्रतिभाओं को तरास कर आगे बढ़ाने का प्रयास
सीकर,मुहम्मद सादिक। हमारे पुरखों ने बड़ी सोच और दूरदृष्टि से सीकर के ह्रदय पटल पर शिक्षा के मंदिर की स्थापना कर समाज के भावी भविष्य के निर्माण की नींव रखी , उस मज़बूत नींव पर समाज की प्रतिभाओं ने प्रदेश में जांगिड समाज की एक अलग पहचान बनाकर पूरे समाज को गौरवान्वित किया है। उन प्रतिभावों पर समाज को गर्व है। उनकी सफलता पर ही सीकर के जांगिड छात्रावास की एक अलग साख बनी है। चूँकि समाज की आधी आबादी महिला भी अब शिक्षा की ओर अग्रसर होने लगी हैं ,ऐसे वक्त में महिला शिक्षा भी समय की माँग है, इसलिए बालिका छात्रावास की पवित्र थीम के साथ समाज के प्रबुद्ध जनों ने पुरखों के इतिहास की पुनरावृति हेतु पाँच वर्ष पूर्व एक नेक प्रयास कर आर टी ओ ऑफि़स के पास शांत वातावरण में एक भूखंड खऱीद कर उस पर बालिका शिक्षा के सपनों की नींव रखी।लेकिन कुछ लोगों ने उस भूखंड को माननीय न्यायालय में चुनौती देकर बालिका शिक्षा के पवित्र और पुनीत कार्य में एक ठहराव की स्थिति पैदा कर दी। नेक कार्य और सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। चार वर्ष के इंतज़ार के बाद सभी लोगों की शुद्ध भावना के अनुरूप माननीय उच्च न्यायालय ने बालिका शिक्षा के पक्ष में फ़ैसला कर समाज की बालिकाओं के सुनहरे भविष्य का रास्ता तय कर पूरे समाज के लोगों की अंतर्रात्मा की पुकार को सुना है। अब जल्दी ही सीकर जि़ले के जांगिड समाज के द्वारा बालिका शिक्षा हेतु इस महायज्ञ में अपनी आहुति देकर पूरे प्रदेश में बालिका शिक्षा का एक अलग संदेश देकर बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य हेतु एक सुंदर और आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण कर समाज की प्रतिभाओं को तरास कर आगे बढ़ाने का प्रयास होगा। इस पवित्र मिशन में इस साल 22 फरवरी को विश्वकर्मा जयंती समारोह बालिका छात्रावास की पवित्र भूमि पर आयोजित कर भगवान विश्वकर्मा को साक्षी मानते हुए समाज का हर व्यक्ति संकल्प बद्ध होकर बेटियों के सुनहरे भविष्य को संवारने हेतु एक नया इतिहास लिख कर इस भवन को समाज का गौरव बनाए।