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राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक : दिया कुमारी

राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक : दिया कुमारी

जयपुर| अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अधिवक्ता परिषद राजस्थान, जयपुर प्रांत की उच्च न्यायालय इकाई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उच्च न्यायालय परिसर स्थित सतीश चंद्र सभागार में “महिला सशक्तिकरण में कानून की भूमिका: राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदर्भ में” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय व्यवस्था में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज में न्याय, समानता और सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त आधार प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और न्यायिक क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी न केवल राष्ट्र की प्रगति का सूचक है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और अखंडता को और अधिक मजबूत बनाती है। उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला अधिवक्ताओं से संवाद करते हुए उन्हें महिला दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनती हैं, तो समाज में व्यापक और समावेशी विकास के मार्ग प्रशस्त होते हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय संगठन मंत्री हारीबोरिकर ने महिलाओं की आजादी के बाद से लेकर आज तक विभिन्न क्षेत्रों में निभाई जा रही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है और वे राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा का अभिन्न अंग हैं। इस अवसर पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल, भारत सरकार भरत व्यास, एडिशनल एडवोकेट जनरल, राजस्थान माही यादव, कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री कमल परसवाल, जयपुर प्रांत अध्यक्ष प्यारेलाल, प्रांत महामंत्री अभिषेक, उच्च न्यायालय इकाई के अध्यक्ष धर्मेंद्र जैन और महामंत्री धर्मेंद्र बराला ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 35 से अधिक महिला अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन महिलाओं के प्रोत्साहन का प्रतीक था, जो कानून के शासन को मजबूत करने और समाज में न्याय की अलख जगाने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन उच्च न्यायालय इकाई की मंत्री मीनल भार्गव और कार्यकारिणी सदस्य गुंजन चावला ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं मातृशक्ति उपस्थित रही।

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