किसानों ने जिला कलेक्टर व एसपी को दिया ज्ञापन
संघर्ष समिति व किसानों ने जिला प्रशासन को दिया ज्ञापन
नवलगढ . कस्बे के गोठडा गाॅव में श्री सीमेन्ट कम्पनी के गेट के बाहर चल रहे धरनार्थियों ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर लक्ष्मणसिंह कुडी व एसपी को मृदुल कच्छावा को ज्ञापन दिया। पूर्व पार्षद विजेन्द्र सुण्डा ने बताया कि गोठडा गाॅव के आस पास के किसानों ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर लक्ष्मणसिंह कुडी व एसपी मृदुल कच्छावा को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में किसानों ने पुलिस द्वारा आन्दोलनरत किसानों पर कम्पनी व स्थानीय प्रशासन के सहयोग से की जाने वाली अनुचित कार्यवाही को रोकने की मांग की है। वही ज्ञापन में बताया है कि नवलगढ तहसील के गोठडा -देवगाॅव में श्री सीमेन्ट कम्पनी का कारखाना निर्माणधीन है। अभी भी 800 से 1000 बीघा जमीन किसानों ने कम्पनी को बेची नहीं हैं। कम्पनी द्वारा दिया जाने वाला मुआवजा काफी कम होने से किसान असन्तुष्ट है। वही ज्ञापन में बताया कि हमारे आन्दोलनरत किसान साथी को गिरफतार कर लिया। ज्ञापन में सीआई सुनिल शर्मा पर गिरफतार किये गये किसान साथी के साथ में मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। किसानों ने ज्ञापन देकर जिला कलेक्टर व एसपी से न्याय की मांग की हैं। ज्ञापन पर पंचायत समिति सदस्य प्रताप पूनिया, शिक्षाविद व किसान हरलाल महण, पूर्व सैनिक गोकुलसिंह शेखावत, कैप्टेन नन्दलाल, कैप्टेन दयालसिंह, पूर्व सैनिक करणाराम, रामेश्वर खैरवा, राजेश खेदड, रामचन्द्र खटकड, जगदीश खटकड, महेन्द्र गोदारा, कुंभाराम यादव, सतीश योगी, सुरेश कालीरावणा, सुमन, सन्जू, बिमला, जगदीश प्रसाद, राजेन्द्र सैनी, हरलाल सिंह, आदि लोगो के ज्ञापन पर हस्ताक्षर है। वही कस्बे के एक निजी होटल में प्रेस वार्ता के दौरान श्री सीमेन्ट संघर्ष समिति के सदस्य प्रताप पूनिया ने बताया कि श्री सीमेन्ट कम्पनी के खिलाफ दो धरने चल रहे थे। एक श्री सीमेन्ट कम्पनी के गेट के बाहर व दूसरा धरना लोडिंग डम्परों के खिलाफ चल रहा था। लोडिंग डम्परों के खिलाफ चल रहे धरने को स्थगित कर दिया गया। जबकि गोठडा में श्री सीमेन्ट कम्पनी के गेट के बाहर चल रहा धरना आगे भी जारी रहेगा।
इनका कहना सीआई सुनिल शर्मा ने बताया कि मारपीट का आरोप बेबुनियाद है। श्री सीमेन्ट कम्पनी की ओर से पुलिस थाना नवलगढ में 92/23 एफआईआर दर्ज हुई थी जिसमें संजीव कालीरावणा नाम था व्यक्ति आरोपी था। उस मामले में उसे थाने में बुलाया गया था। मारपीट जैसी कोई बात नहीं है।