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किसानो का महापडाव अरांई में, दर्जनों ट्रेक्टर पंहुचे अरांई

किसानो का महापडाव अरांई में, दर्जनों ट्रेक्टर पंहुचे अरांई

तहसीलदार, डिप्टी एवं थाना प्रभारी से वार्ता के बाद 11 सदस्य शिष्ट मण्डल पंहुचा जिला कलक्टर के पास, महा पडावा जारी।

अरांई। किसान महापंचायत के बैनर तले अरांई के तहसील चोराहे पर सेंकडों किसान दर्जनों ट्रेक्टर लेकर पहंुच गये एवं वहां पडाव डाल दिया। उसके बाद प्रशासन हरकत में आया एवं किसान महापंचायत के साथ वार्ता शुरू करी। वार्ता में 11 सदस्यों के शिष्ठ मण्डल को अजमेर जिला कलक्टर के पास वार्ता के लिए भेजा गया है। महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम लाल जाट ने बताया कि जिला कलक्टर से वार्ता सकारात्मक रहेगी तो आंदोलन खत्म कर देगें नहीं तो दर्जनों ट्रेक्टर सडक मार्ग से अजमेर के लिए कूच करेगें। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी के कानून के लिए किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में राजस्थान के सैकड़ो ट्रैक्टर सड़कों पर आ गये है। अरांई तहसील के सामने दर्जनों ट्रेक्टर आंदोलन के लिए तैयार कर दिये गये है। रामलाल जाट ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून देश के सभी किसानों की आवाज है। इसके अतिरिक्त देशभक्ति बुद्धिजीवियों सहित अन्य वर्ग भी इस मांग के समर्थन में है। जनता की आवाज को दबाना तानाशाही का प्रतीक है। जिन किसानों ने केंद्र में सरकार बनाई थी उन्हीं किसानों पर पुलिस राज थोपना लोकतंत्र विरोधी एवं जन भावनाओं को कुचलने वाला कृत्य है। उन्होने चेतावनी दी कि यदि सरकार का ढंग का तानाशाही का रहा तो देश के किसानों के सभी ट्रैक्टर सड़कों पर आते देर नहीं लगेंगी। डबल इंजन की सरकार, देश के किसानों के ट्रैक्टरों की संख्या को नहीं भूलें।                          

एमओयू को करे सार्वजनिक- किसानों में पूर्वी राजस्थान नहर के संबंध में मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के मध्य हुए एम. ओ. यू. को सार्वजनिक नहीं करने एवं फ़सल खराबा होने पर भी किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं देने से रोष व्याप्त है। राजस्थान की जनता को आशंका है कि इस एम.ओ.यू .के कारण राजस्थान को प्राप्त होने वाले पानी की मात्रा आधी रह जाएगी। जिससे  सिंचाई असंभव हो जायेंगी।

11 सदस्यों को भेजा अजमेर- अरांई तहसीलदार हनूत सिंह रावत, पुलिस उपाधीक्षक जनरैल सिंह, थाना प्रभारी भंवर सिंह की किसान महापंचायत के अध्यक्ष राम लाल जाट से वार्ता हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि पहले 11 सदस्य जिला कलक्टर भारती दीक्षित से मिलेगें एवं अपनी मांग रखेगें। उसके बाद आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएेगी।

महापडाव के बाद हरकत में आया प्रशासन-  किसान महापंचायत के नेतृत्व में किसानों ने तहसील चोराहे पर दर्जनों ट्रेक्टर ला कर खडे कर दिये है। आंदोलन के उग्र होने की आशंका के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। प्रशासन ने अतिरक्ति पुलिस जाप्ता मंगा कर तैनात कर दिया है।

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