कृषि में नवीनतम तकनीक अपनाकर किसान आमदनी बढ़ाये
सीकर। जिले के श्रीमाधोपुर कृषि विज्ञान केंद्र अरनिया द्वारा प्याज उत्पादन की उन्नत तकनीक विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उद्यान वैज्ञानिक डॉ. महेश चौधरी ने किसानों को प्याज की पौधशाला तैयार करने, रोपण, उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट व बीमारियों की रोकथाम एवं भंडारण के विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। प्रशिक्षण में कृषि पर्यवेक्षक ओमप्रकाश यादव ने विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ ही जल होज, मल्चिंग आदि विषयों पर भी जानकारी दी। प्रशिक्षण में 30 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया इनमें से 20 चयनित किसानों के खेतों पर प्याज के प्रदर्शन भी केंद्र द्वारा लगवाये जायेगे, इस हेतु इनको बीज भी उपलब्ध करवाया गया। वितरित प्याज की किस्मों के बारे में डॉ. महेश चौधरी ने बताया की प्रदर्शन में प्याज की एनएचओ-920 व एनएचआरडीएफ-4 किस्स के बीज उपलब्ध करवाये गये। एनएचओ-920 किस्म एक हेक्टेयर में महज 75-80 दिनों में 350 से 400 क्विंटल प्याज की पैदावार दे देती है। इस किस्म में खास बात यह भी है कि इसमें दड़ू नहीं निकलता, उत्पादन भी अच्छा होगा और भंडारण भी आसानी से होता है। एनएचआरडीएफ-4 किस्म अधिक उपज, बेहतर अनुकूलनशीलता और बेहतर भंडारण के कारण काफी प्रचलित है। यह रोपाई के 110-125 दिन बाद पक जाती है इसके बल्ब गहरे लाल रंग के होते हैं। बल्बों की गुणवत्ता अच्छी रहती है। यह किस्म औसतन 350-400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज देती है।