बिजली बिलो मे जोडे गये फयूल चार्ज को वापिस लेने की महासंघ की मांग: जशन वरलानी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से की श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के प्रमुखो ने मांग
अजमेर . श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के प्रमुख पदाधिकारियो ने देहली गेट स्थित होटल स्टार में उपाध्यक्ष जशन वरलानी की अध्यक्षता में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की कि बिजली के बिलो में जोडी गई फयूल जार्च की रशि को शीध्र प्रभाव से वापिस लिया जाये।श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के उपाध्यक्ष और देहली गेट के अध्यक्ष जशन वरलानी ने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,उर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी,आरटीडीसी के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह राठौड,अजमेर विद्युत वितरण निगम डिस्काम के प्रबधक निदेशक एमडी एनएस निर्वाण और अन्य सम्बंधितांे से मांग की कि वर्तमान में सरकार के द्वारा डिस्काम के माध्यम से बिजली की दरो में फयूल चार्ज के नाम पर और सिक्योरिटी के नाम से उपभोक्ताओ पर बिजली के बिल को बडाकर बहुत अधिक बिल भेजे गये है।महासंघ के पदाधिकारियों अध्यक्ष महेन्द्र बंसल,महासचिव रमेश लालवानी,प्रकाश मकवाना,धर्मेन्द्र लालवानी,रफीक मौहम्म्द,कमलेश हेमनानी,मुकेश सुकरिया,भरत कुमार ,कारा भाई होतचन्द मोटवानी,कुमार लालवानी,तुल्सी लालवानी,लक्ष्मण भागवानी,कमलेश बालवानी आदि ने बताया कि सरकार आम नागरिको को राहत देने के लिए अनेक प्रकार की धोषणाऐ कर रही है।सरकार की ओर से दूसरी ओर बिजली पर फियूल चार्ज के नाम पर दरें बडाने की कार्यवाही कर रही है।सरकार द्वारा बडाई गई फयूल चार्ज की रशि को वापिस नही लिया गया तो बिद्युत बिल में बडोतरी का प्रत्येक आम और खास के साथ मिलकर औधोगिक क्षेत्र के व्यापारियों,होटल व्यवसाइयो एवं अन्य सब मिलकर श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के तत्वावधान में अजमेर के अजमेर विद्युत वितरण केन्द्र पंचशील कार्यालय के बाहर और जिलाधीश कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन किया जायेगा।इसलिए अजमेर डिस्काम के एमडी एन एस निर्वाण से मांग की गई है कि शीध्र से शीध्र राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,और उर्जा मंत्री भंवरसिंह भाटी से मिलकर श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के पदाधिकारियो की भावनाओ से अवगत करवाकर शीध्र प्रभाव से फयूल चार्ज को वापिस करवाने की कार्यवाही करे।होटल व्यवसाय से जुडी श्रीमती लत्ता भैरूमल बच्चानी और वरिष्ठ पत्रकार राजेश लालवानी ने बताया कि फयूल चार्ज को वापिस नही लिये जाने पर प्रदेश स्तर पर व्यापारिक संगठनो द्वारा होने वाले समस्त आन्दोलनो की जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी।