राजस्थान सिंधी संगत उदयपुर द्वारा गायन प्रतियोगिता का फाइनल
उदयपुर के सिंधु महल जवाहर नगर भवन में रविवार को आयोजित सिंधी आइडल चटा भेटी के फाइनल में अजमेरए जयपुरए जोधपुरए कोटाए उदयपुर के प्रतिभागियों ने 38 प्रतिभागियों ने भाग लिया
सर्वप्रथम उदयपुर सिंधी समाज के श्री ओमप्रकाश आहूजाए मुरली राजानीए किशन वाधवानीए सुखराम बालचंदानीए उमेश मनवानी हरीश सिधवानीए गिरीश राजानीए कैलाश नेभनानी रमेश लालवानी मंघाराम भिरयानी और राजस्थान सिंधी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष हरीश राजानी जी ने भगवान झूलेलाल जी की मूर्ति के सामने पूजा.अर्चना दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया
कार्यक्रम का आगाज बहुत ही जोरदार तरीके से सिंधी गीतों भजनों ए सिंधी सूफी कलाम आदि प्रस्तुत किए गए इस प्रतियोगिता का प्रतिवर्ष आयोजन किया जाता है हिंदी फिल्मों के निदेशक नरेश उधानी ने इस अवसर पर घोषणा की कि उनकी आगामी फिल्मों में सिंधी आइडियल के विजेताओं को गाने का अवसर प्रदान किया जाएगा
कार्यक्रम में गीतों में मुख्यतः मुंजा यार मीठा मुखे की न परेए ना रहने दे तू न रहनस माए मुहनजो यार के माल कियेँ के माहल कीयेँए
कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कार वितरण के अवसर पर कार्यक्रम के प्रेरणा स्रोत और राजस्थान सिंधी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष हरीश राजानी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम में प्रतिभागियों की रूचि को देखते हुए वर्ष में दो बार करने का निर्णय लिया गया हरीश राजानी ने प्रथमए द्वितीयए तृतीय
जूनियर ग्रुप एवं सीनियर ग्रुप में भी तीन तीन पुरस्कार वितरित किए साथ ही सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए सुपर वरिष्ठ नागरिकों में भी अत्यंत रूचि देखी गई और उनको भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए
राजस्थान भर के प्रतिभागियों के लिए रहने खाने पीने की और यात्रा भत्ते की व्यवस्था राजस्थान सिंधी संगत की ओर से की गई थी प्रतियोगिता में चटा बेटी में प्रतिभागियों के साथ.साथ उनके परिवार के माता.पिता भाई बंधुओं ने सिंध को बढ़ावा देने के लिए बढ़.चढ़कर रुचि ली अजमेर के विख्यात गायक कलाकार मंघाराम बिरयानी के साथ उनकी टीम के लगभग 20 सदस्यए कोटा के ठाकुर साहब के नेतृत्व में लगभग 15 सदस्यों के दल ने भाग लिया इस अवसर पर आयोजक मंडल के हरीश राजानी साहब का विख्यात गायक कलाकार मंघाराम भिरयानी सिंधु ज्योति सेवा समिति के रमेश लालवानी जय किशन नी प्रकाश की ओर से और मुख्य संयोजिका अनीता शिवानी का शाल पहनाकर स्मृति चिन्ह प्रदान कर और माला पहनाकर सफल आयोजन के लिए अभिनंदन भी किया गया जूनियर ग्रुप में प्रथम स्थान पर कोटा के गुलशन मखीजा द्वितीय स्थान पर भीलवाड़ा के हर्षल चंदवानी तृतीय स्थान पर जयपुर की रुचि काटी चंदानी रही इसी प्रकार सीनियर ग्रुप में प्रथम स्थान पर अजमेर के ओमी बाबा नी स्थान पर भीलवाड़ा के आशीष चंदवानी एवं तृतीय स्थान पर कोटा के कुणाल
गोकलानी रहे समस्त प्रतिभागियों को राजस्थान सिंधी संगत की ओर से प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करके सम्मानित किया गया साथ ही सांत्वना पुरस्कार के रुप में भी ग्रुप में साथ.साथ प्रतिभागियों को समृति चिन्ह एवं पुरस्कार प्रदान करके सम्मानित किया गया सीनियर एवं जूनियर ग्रुप में सात सात सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान करके सम्मानित किया गया कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में 4 जजों की नियुक्ति की गई थी जिनमें दुर्गेश चंदवानीए हेमंत भागवानीए संयोजिका अनीता शिवनानी एवं मुस्कान कोटवानी थे चित्तौड़ के सिंधी समाज प्रमुख विजय जीए भीलवाड़ा के सुरेश जीए अजमेर के मंघाराम भिरयानीए कोटा के राज ठाकुरए जी अतिथि के रुप में सम्मिलित थे इन सब का राजस्थान सिंधी संगत की ओर से माल्यार्पण कर साल्विना कर और स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया कार्यक्रम का संचालन अर्चना चावला और डॉ दीपमाला चौधरी ने किया उदयपुर सिंधी समाज के 51 सदस्यों की दल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की उन सब का कार्यक्रम के प्रेरणा स्रोत हरीश राजानी ने दुपट्टा पहना कर समृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया उनमें प्रमुख रूप से कैलाश नेभनानीए रमेश दत्तवानीएभारत खत्रीए कमलेश राजानीए ठाकुर खानचंदानीए सुरेश कपूरए चन्द्र प्रकाश मंगवानीएसुनील कालरा आदि प्रमुख हैं।